चंडीगढ़ में रोज फेस्टिवल शुरू।
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चंडीगढ़ में शुक्रवार को सांकेतिक रोज फेस्टिवल शुरू हो गया। रोज गार्डन में मुख्य अतिथि प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा और मेयर रविकांत शर्मा ने फेस्टिवल का शुभारंभ किया। इस बार का रोज फेस्टिवल कोरोना योद्धाओं को समर्पित है।
28 को रोज फेस्टिवल का समापन होगा। इस दौरान कोरोना योद्धाओं को सलामी देने के साथ उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। कोरोना के कारण इस बार 49वां रोज फेस्टिवल सांकेतिक रूप से मनाया जा रहा है। हर साल गुलाबों की विशेष श्रृंखला के साथ रोज गार्डन की खूबसूरती देखते ही बनती थी।
विभिन्न रंगों के गुलाब लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। देसी और विदेशी प्रजाति की लगभग 800 से ज्यादा प्रजातियां शोभा बढ़ाती हैं। साल दर साल इन प्रजातियों में इजाफा होता है लेकिन कोरोना के चलते इस बार नई प्रजातियों को शामिल नहीं किया जा सका है।
इस बार नहीं मिली नई प्रजातियां
निगम के अधिकारियों ने बताया कि ज्यादातर गुलाब बंगलूरू और बंगाल से आते हैं, लेकिन कोरोना महामारी के कारण इस बार वहां भी नई प्रजाति के गुलाब नहीं थे। इस कारण निगम ने इस बार रोज फेस्टिवल में अपने पास उपलब्ध प्रजातियों को ही बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने का फैसला लिया। इस बार लोगों को 829 प्रकार के गुलाबों की प्रजातियां देखने को मिलेंगी।
रोज गार्डन के विकास पर होगा खर्च
रोज फेस्टिवल आयोजित न होने पर इस बार नगर निगम ने फैसला लिया कि आयोजन पर जो पैसे खर्च होने थे, उसे रोज गार्डन के विकास पर खर्च किया जाएगा। इसके लिए एक कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने तय किया कि गुलाबों के नए बैंड बनाने के लिए 20 लाख रुपये का खर्चा होगा ताकि अगले वर्ष इस आयोजन में गुलाबों की खूबसूरती बढ़ सके।