चंडीगढ़। स्वैच्छिक रक्तदान में चंडीगढ़ सभी केंद्र शासित प्रदेशों में नंबर-1 रहा है। वर्ष 2025 में शहर को 1,000 रक्तदान शिविर लगाने और एक लाख यूनिट रक्त जुटाने का लक्ष्य दिया गया था। इसके मुकाबले चंडीगढ़ ने 1,028 शिविर लगाए और 1,06,064 यूनिट रक्त एकत्र किया। राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर नई दिल्ली में आयोजित समारोह में चंडीगढ़ को इस उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया।
इस सफलता में शहर के ब्लड सेंटरों की टीम, डॉक्टरों, कर्मचारियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और नियमित रक्तदाताओं का अहम योगदान रहा। पीजीआई, जीएमसीएच-32, जीएमएसएच-16 और रोटरी ब्लड सेंटर समेत विभिन्न संस्थानों ने रक्तदान शिविर लगाए।
मरीजों के लिए नियमित रक्तदान जरूरी
अस्पतालों में दुर्घटना पीड़ितों, गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं और अन्य जरूरतमंदों के इलाज के लिए रक्त की लगातार जरूरत रहती है। नियमित स्वैच्छिक रक्तदान जरूरत के समय मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने में मदद करता है। स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल की सदस्य सचिव डॉ. नीना चौधरी ने कहा कि यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, ब्लड सेंटरों की टीम और एनजीओ के लगातार सहयोग से संभव हुई है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ को यह स्थान बनाए रखने के लिए भविष्य में भी रक्तदान के प्रति जागरूकता अभियान जारी रहेंगे।