नगर निगम चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को कुर्क करने की तैयारी कर रहा है। नगर निगम की टैक्स ब्रांच ने अंबाला रेलवे डिवीजन को फाइनल नोटिस भेजकर इसकी चेतावनी दे दी है। सर्विस चार्ज एवं प्रॉपर्टी टैक्स न जमा करवाने वाले डिफाल्टरों में चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन का नाम सबसे ऊपर है।
नगर निगम के अनुसार, साल 2003 से लेकर अब तक चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन ने एक बार भी सर्विस चार्ज नहीं जमा करवाया है। मालूम हो कि कामर्शियल इमारतों से प्रॉपर्टी टैक्स और सरकारी इमारतों पर सर्विस चार्ज लगाया जाता है। नगर निगम को हर साल प्रॉपर्टी टैक्स एवं सर्विस चार्ज से करीब 20 करोड़ रुपये की कमाई होती है।
9 करोड़ रुपये आए निगम के पास
नगर निगम को 4500 डिफाल्टरों से 12 करोड़ रुपये की राशि प्रॉपर्टी टैक्स और सर्विस चार्ज के रूप में लेनी थी। अभी तक कभी भी इन डिफाल्टरों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। लेकिन, हाल ही में नगर निगम ने ऐसी आधा दर्जन इमारतों को कुर्क करने का प्रयास किया तो अधिकतर लोगों ने टैक्स जमा करवा दिया। इससे 9 करोड़ रुपये निगम के पास आ चुके हैं। जो 3 करोड़ रुपये की राशि बाकी है, उसमें एक बड़ा हिस्सा (1 करोड़) रेलवे स्टेशन से लेना है।
डाक घर ने जमा करवाए 65 लाख
शहर के डाक घर भी डिफाल्टरों की सूची में शामिल थे, लेकिन कार्रवाई के डर से सेक्टर-17 के प्रमुख डाक घर ने सभी का सर्विस चार्ज जमा करवा दिया है। इससे 65 लाख रुपये निगम को मिले।
जबकि, पीयू और पीजीआई ने भी काफी लंबे समय से रुकि राशि जमा करवा दी है। शहर के करीब आधा दर्जन प्रमुख निजी स्कूल भी डिफाल्टरों की सूची में थे, जिन्होंने राशि जमा करवा दी है।
कोट
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर एक करोड़ रुपये की राशि सर्विस चार्ज के तौर पर बकाया है। कई बार यह राशि जमा करवाने के लिए कहा गया। अब अंबाला डिवीजन को अंतिम नोटिस भेजा गया है। डिवीजन को अगले माह तक एक करोड़ की राशि जमा करवाने के लिए कहा गया है। अगर यह राशि जमा न हुई तो चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
राजीव गुप्ता, ज्वाइंटर कमिश्नर, नगर निगम