चंडीगढ़। आतंकी लखबीर सिंह उर्फ लंडा के करीबी गैंगस्टर राजन भट्टी को अपराध शाखा की टीम नशा तस्करी के एक मामले में पंजाब की जेल से प्रोडक्शन वारंट पर चंडीगढ़ लाएगी। एक सप्ताह पहले ही भट्टी के नाम का खुलासा उसके गैंग के ही एक गुर्गे ने रिमांड के दौरान किया था। भट्टी पहले से शहर के अलग-अलग थानों में दर्ज मामलों में नामजद है। पांच मामलों में कोर्ट ने उसे भगोड़ा भी करार दे रखा है।
तीन सितंबर को अपराध शाखा को सूचना मिली थी कि एक आरोपी नशीले पदार्थों की तस्करी करता है और उसके पास अवैध पिस्टल है। वह किसी वारदात की फिराक में चंडीगढ़ आया है। सूचना पाकर पुलिस ने सेक्टर-17 स्थित बीएसएनएल कार्यालय के पास नाकाबंदी कर कार सवार एक युवक को गिरफ्तार कर लिया। उससे कंट्री मेड एक पिस्टल, दो कारतूस और 136 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी।
आरोपी की पहचान लखविंद्र सिंह निवासी गांव रामपुर जिला फतेहगढ़ साहिब (पंजाब) के रूप में हुई। अपराध शाखा थाने में एनडीपीएस व आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर भेजा गया। रिमांड के दाैरान उसने खुलासा किया कि वह राजन भट्टी के कहने पर नशा तस्करी का काम करता है। इसके बाद जांच टीम ने लखविंद्र की डिस्क्लोजर रिपोर्ट पर भट्टी को भी इस मामले में 120-बी के तहत नामजद किया इसलिए आरोपी भट्टी से पूछताछ करने के लिए अपराध शाखा उसे पंजाब से प्रोडक्शन वारंट पर लाएगी।
राजन भट्टी गुरदासपुर (पंजाब) के गांव मुस्तफाबाद जट्टां का रहने वाला है और कनाडा में छिपे आतंकी लखबीर सिंह उर्फ लंडा का सबसे करीबी है। भट्टी पर हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ सहित अन्य जगहों पर 25 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। फरवरी 2024 में भी वह पंजाब के मोहाली में टारगेट किलिंग को अंजाम देने के लिए आया था लेकिन उससे पहले ही उसे पंजाब की स्पेशल गठित टीमों ने गिरफ्तार कर लिया था। इस दौरान उसके पास से मिली बीएमडब्ल्यू गाड़ी से तलाशी लेने पर .32 बोर पिस्टल, 4 कारतूस बरामद हुए थे जबकि सेक्टर-70 स्थित किराए पर लिए गए फ्लैट से .45 बोर पिस्टल, 5 कारतूस, 270 ग्राम हेरोइन व 7 लाख 97 हजार रुपये ड्रग मनी बरामद हुई थी।
भट्टी ने अपनी गैंग में कई युवाओं को शामिल कर उनसे नशा तस्करी में हेरोइन व गैर कानूनी हथियारों की खेप पंजाब व दिल्ली में मुहैया करवाता था। भट्टी पर चंडीगढ़ में एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, जबरन वसूली व इरादा कत्ल के कई मामले अलग-अलग थानों में दर्ज हैं। इसके अलावा चंडीगढ़ पुलिस के डीएसपी जगबीर सिंह पर गोली चलाने के मामले में भी वह नामजद है।