पांच लाख रुपये की रिश्वतखोरी के मामले में फरार चल रहीं मनीमाजरा थाने की पूर्व एसएचओ जसविंदर कौर वीरवार को भी सीबीआई अदालत में पेश नहीं हुईं। ऐसे में सीबीआई कोर्ट ने उन्हें भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
अदालत ने जसविंदर कौर को 28 अगस्त की सुबह 11 बजे तक का समय दिया है। यदि दिए गए समय तक आरोपी अदालत में हाजिर नहीं होतीं हैं तो उन्हें भगोड़ा करार दे दिया जाएगा। इसके लिए अदालत ने फिर से वारंट जारी किए हैं। भगोड़ा होने से पहले आरोपी के फरार होने के पोस्टर जगह-जगह चिपकाए जाएंगे। साथ ही सार्वजनिक जगहों पर घोषणाएं की जाएंगी।
सीबीआई जज सुशील कुमार गर्ग ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए जानबूझकर फरार है। उसे पता है कि उसके खिलाफ कार्रवाई हो रही है, इसके बावजूद वह छिप रही है। ऐसे में उचित न्याय के हित में भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई शुरू करने की आवश्यकता है।
अदालत ने जांच एजेंसी को आदेश दिए हैं कि 27 जुलाई या उससे पहले अदालत को बताएं कि आरोपी के खिलाफ प्रकाशन के संबंध में क्या कार्रवाई हुई है। इंस्पेक्टर जसविंदर कौर पर आरोप है कि धोखाधड़ी के एक मामले को रफा-दफा करने के एवज में पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
इस संबंध में एक बिचौलिए भगवान सिंह को रिश्वत की दूसरी किस्त के एक लाख रुपये लेते समय सीबीआई ने मोहाली से रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। इससे पहले वह दो लाख रुपये की पहली किस्त संगरूर में ले चुका था। मामले में जसविंदर कौर का नाम सामने आने के बाद से वह फरार चल रहीं हैं।
अदालत की ओर से उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी निकाले गए, मगर वह अदालत में पेश नहीं हुई। हाईकोर्ट भी आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर चुका है।