चंडीगढ़ पुलिस कांस्टेबल 520 की परीक्षा में प्रतिभागिता करने वाले करीब सत्तर से ज्यादा अभ्यर्थियों ने परीक्षा के आयोजकों पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है। सेक्टर-9 स्थित चंडीगढ़ पुलिस हेडक्वार्टर के सामने धरना दिया और चंडीगढ़ पुलिस के आला अधिकारियों से मिले। इनका कहना है कि उनकी उत्तर कुंजी की दोबारा से जांच करवाई जाए और उसके बाद रिजल्ट दिया जाए। इन परीक्षार्थियों का आरोप है कि चंडीगढ़ पुलिस द्वारा ली गई कांस्टेबल की परीक्षा में कई खामियां रहीं। उसकी बिना जांच पड़ताल किए रिजल्ट घोषित कर दिया गया।
हिसार से आए मुकेश ने कहा कि वर्ष 2015 में इस भर्ती के लिए आवेदन किया था। इसमें आवेदन के डेढ़ साल बाद फिजिकल परीक्षा की गई थी। उसके डेढ़ साल बाद आनलाइन परीक्षा ली गई। इसका रिजल्ट 31 दिसंबर को घोषित कर दिया गया। सोनीपत से आए दीपक ने बताया कि इस आनलाइन परीक्षा की उत्तर कुंजी में कई खामियां थीं। कई प्रश्नों के उत्तर गलत हैं। जुलाना (जींद) से आए रवि ने बताया कि 17 नवंबर 2018 में हुई आनलाइन परीक्षा के दौरान उनके चार प्रश्न उत्तर कुंजी के हिसाब से गलत हैं। जबकि एनसीआरटी की किताबों में उन्होंने अपने सवालों का जवाब देखा तो सही निकला था।
गोहाना सोनीपत से आए ललित ने बताया कि जिस समय परीक्षा ली गई उस समय कंप्यूटर भी रुक-रुक के चल रहा था, परीक्षा खत्म होने के पंद्रह मिनट पहले कह दिया गया था कि आपका सिस्टम अपने आप बंद हो जाएगा और आप जा सकते हैं। चंडीगढ़ के नवीन ने बताया कि उत्तर कुंजी के उत्तर गलत हैं। दीपक ने बताया कि अस्सी से ज्यादा नंबर है और रिजल्ट के हिसाब से पचास से साठ नंबर तक हैं। स्क्रूटनी की जाए और उसके बाद ही रिजल्ट को घोषित किया जाए। चंडीगढ़ की रहने वाली रीना ने बताया कि मेरी उत्तर कुंजी और आफिशियल उत्तर को दिखाया जाए।
यह हैं आरोप
1-किसी परीक्षार्थी को उत्तरकुंजी नहीं दी गई। सभी आनलाइन परीक्षाओं में रिजल्ट के पहले अभ्यर्थी को उत्तर कुंजी दी जाती है। चंडीगढ़ पुलिस की ओर की गई भर्ती में सीधा रिजल्ट घोषित कर दिया गया।
2-जब परीक्षा की आधिकारिक घोषणा की गई तो उसमें बताया गया था कि किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। जो भी परीक्षा होगी उसमें नार्मलाइजेशन होगा और सभी अभ्यर्थी को न्याय मिलेगा। किसी भी अभ्यर्थी की परीक्षा में कठिन प्रश्न होगा तो सभी का नार्मलाइजेशन किया जाएगा।
3-चंडीगढ़ पुलिस ने अपनी आफीशियल साइट पर जो प्रश्न दिए हैं उनके उत्तर गलत दिए हैं। मसलन, जैन धर्म का संस्थापक कौन है इसका उत्तर दिया है महावीर स्वामी जबकि इसका उत्तर ऋषभ देव है। यह एनसीआरटी की किताब का सही जवाब है।