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चंडीगढ़ ईयर एंडर: शहर के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमके, राष्ट्रीय खेलों में रहे फिसड्डी

Thu, 29 Dec 2022 08:07 PM IST
भूपेंद्र सिंह संजीव पंगोत्रा, अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

इस साल भी खेल पॉलिसी नहीं बन पाई। इससे खिलाड़ियों का नुकसान हो रहा है। तमाम बैठकों के बावजूद यूटी की खेल पॉलिसी नहीं बनने पर खिलाड़ियों को मायूसी हाथ लगी। 
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शूटर विजयवीर सिद्धू - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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चंडीगढ़ में इस वर्ष खिलाड़ियों के लिए उतार चढ़ाव वाला रहा। जहां एक तरफ खिलाड़ियों ने अपनी चमक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिखेरी, वहीं राष्ट्रीय खेलों में शहर के खिलाड़ियों के हाथ निराश लगी। वहीं इस साल पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ प्रशासक की तमाम बैठकों के बावजूद यूटी की खेल पॉलिसी नहीं बनने पर खिलाड़ियों को मायूसी हाथ लगी। 

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फेंसिंग में काश्वी गर्ग ने देश का नाम किया रोशन 
इंग्लैंड में अगस्त माह में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में सेक्टर-9 स्थित कॉर्मल कान्वेंट स्कूल की 12वीं की छात्रा फेंसिंग की खिलाड़ी काश्वी गर्ग ने जूनियर वर्ग में एपी टीम इवेंट और कैडेट टीम इवेंट में दो कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।

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फेंसिंग खिलाड़ी काश्वी, चाहत अरोड़ा।

दृष्टि बाधित बच्चों ने जीते पदक 
द ब्लाइंड स्कूल सेक्टर-26 के छात्रों ने दिल्ली में हुई नेशनल एथलेटिक्स मीट में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 29 पदक झटक डाले। इनमें छह स्वर्ण, नौ रजत और 14 कांस्य पदक शामिल रहे। स्कूल से कुल नौ दिव्यांग खिलाड़ियों ने नेशनल में शिरकत की थी।

गोल्डन गर्ल चाहत अरोड़ा का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन  
ऑस्ट्रेलिया में आयोजित वर्ल्ड स्वीमिंग चैंपियनशिप में शहर की तैराक और गोल्डन गर्ल के नाम से मशहूर चाहत अरोड़ा ने मेलबॉर्न में 50 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक इवेंट के हीट्स में 32.26 का समय लेकर अपना ही पुराना 33. 36 का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इसके बाद 100 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक इवेंट में भी अपना रिकार्ड तोड़ दिया। 

निशानेबाजी में विजयवीर ने जीता सोना  
शहर के शूटर विजयवीर सिंह देश और विदेशों में लगातार अपना जलवा दिखा रहे है। नवंबर माह में कोरिया में खेली गई एशियन एयरगन चैंपियनशिप में विजयवीर सिद्धू ने 10 मीटर एयर पिस्टल के टीम इवेंट में भारत का स्वर्ण पदक दिलाया। इसके बाद एकल वर्ग में रजत पदक दिलाया। 

यहां पिछड़े रहे खिलाड़ी 
राष्ट्रीय खेलों में शहर के खिलाड़ियों का फिसड्डी प्रदर्शन रहा। चंडीगढ़ से आगे वह राज्य रहे जहां खेलों का इंफ्रास्ट्रक्चर बेहद कमजोर है। वहीं बेहतर सुविधा और इंफ्रास्ट्रक्चर के बावजूद शहर के खिलाड़ी राष्ट्रीय खेलों में 11 मेडल ही जीत पाए। गुजरात में खेले गए राष्ट्रीय खेलों में चंडीगढ़ के दल ने 25 खेलों में 200 खिलाड़ियों ने शिरकत की थी। अंक तालिका में चंडीगढ़ को 19वां स्थान हासिल हुआ था। 

खेल पॉलिसी न होने का खिलाड़ी भुगत रहे खामिजाया 
शहर में खिलाड़ियों की लंबे समय से खेल पॉलिसी लंबित पड़ी है। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ प्रशासक तक के तमाम बैठकों और आश्वासनों के बावजूद अभी तक खेल पॉलिसी कागजों तक ही सिमट कर रह गई है। इसका खामिजाया खिलाड़ियों को भुगताना पड़ा रहा है। खिलाड़ी अपने शहर की बजाय दूसरे राज्यों से खेले रहे हैं। 

योगराज सिंह ने सचिन के बेटे का करिअॅर संवारा 
पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर शहर में जेपी अत्रे मेमोरियल टूर्नामेंट में शिरकत करने आए थे। युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने अर्जुन तेंदुलकर को सेक्टर-10 स्थित डीएवी कॉलेज में क्रिकेट की कड़ी ट्रेंनिंग दी थी। इसके बाद गोवा की टीम से खेलते हुए अपनी रणजी ट्राफी के डेब्यू मैच में शतक जड़ दिया था।

दिव्यांग खिलाड़ियों ने फेंके मेडल 
पैरा दिव्यांग खिलाड़ियों की लंबे समय से नौकरी की मांग अभी तक पूरी नहीं हो पाई। पंजाब के पैरा ओलंपिक खिलाड़ियों का एक दल चंडीगढ़ में  पंजाब के मुख्यमंत्री के निवास पर नौकरी की मांगों लेकर पहुंचा, लेकिन उन्हें चंडीगढ़ क्लब से आगे नहीं जाने दिया। खिलाड़ियों ने रोष प्रकट करते हुए पदक और ट्रॉफियों को तोड़कर सड़क पर फेंक दिया था। 
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नए साल में सौगात : धावकों को मिलने का जा रहा सिंथेटिंक ट्रैक
नए साल में शहर के धावकों को सिंथेटिंक ट्रैक मिलने जा रहा है। सेक्टर- 7 स्थित खेल परिसर में आठ लाइनों का ट्रैक बनाने का काम शुरू हो चुका है। लगभग 9 करोड़ की लागत से इस ट्रैक को बनाया जाना है। अब धावकों को शहर के बाहर अन्य राज्यों में अभ्यास के लिए नहीं जाना पड़ेगा।

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