कारण जानें
प्राथमिक हाइपरपैराथायरायडिज्म का सबसे आम कारण हाशिमोटो थायरायडाइटिस है। यह एक ऑटोइम्युन बीमारी है, जो प्रतिरक्षा तंत्र को थायरॉयड पर हमला करने का कारण बन जाती है।
कैल्शियम का स्तर बनाए रखने में मददगार
थायरॉयड ग्रंथियों की ओर से उत्पादित पैराथायरॉइड हार्मोन रक्तप्रवाह और उचित कामकाज के लिए कैल्शियम पर निर्भर ऊतकों में कैल्शियम का सही संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। यह तंत्रिका और मांसपेशियों के कार्य के साथ-साथ हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इसके दो प्रकारों में से प्राथमिक हाइपरपैराथायरायडिज्म में एक या अधिक पैराथायरायड ग्रंथियों के बढ़ने से पैराथायरायड हार्मोन का अधिक उत्पादन होता है। इससे रक्त में कैल्शियम का स्तर बढ़ जाता है, जिससे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। प्राथमिक हाइपरपैराथायरायडिज्म के लिए सर्जरी सबसे आम उपचार है। प्राथमिक हाइपरपैराथायरायडिज्म पूरे शरीर को प्रभावित करता है और कई तरह के लक्षण पैदा कर सकता है। थायरॉइड हार्मोन का बहुत कम होना पूरे शरीर को प्रभावित कर सकता है। शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली धीमी हो जाती है।
लक्षणों पर करें गौर
- कमजोर हड्डियां जो आसानी से टूट जाती हैं (ऑस्टियोपोरोसिस)
- गुर्दे की पथरी
- अत्यधिक पेशाब आना
- पेट (उदर) दर्द
- आसानी से थक जाना या कमज़ोरी
- अवसाद या विस्मृति
- हड्डी और जोड़ों का दर्द
- बिना किसी स्पष्ट कारण के बीमारी की लगातार शिकायतें
- मतली, उल्टी या भूख न लगना