दीवाली पर किसी भी तरह की चोट लगने व दुर्घटना जैसी स्थिति से निपटने के लिए पीजीआई की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं। दीपावली पर आतिशबाजी का सबसे ज्यादा नुकसान आंखों को पहुंचता है। ऐसे मरीजों के इलाज के लिए पीजीआई एडवांस आई सेंटर ने विशेष इंतजाम किए हैं। आई सेंटर में 29 अक्तूबर रात आठ बजे से लेकर 31 अक्तूबर सुबह तक डाक्टर विशेष तौर पर तैनात रहेंगे।
इस दौरान चोटिल आंखों वाले मरीजों के इलाज को प्राथमिकता दी जाएगी। पीजीआई ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी की आंख को आतिशबाजी से नुकसान पहुंचता है तो वे सीधे पीजीआई एडवांस आई सेंटर पहुंचें। यदि इस संबंध में कोई जानकारी लेना चाहते हैं तो वह एडवांस आई सेंटर 0172-2756117 या फिर 9814014464 नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
सेक्टर 16 स्थित गवर्नमेंट मल्टी स्पेशलिएल्टी हास्पिटल (जीएमएसएच) में आई स्पेशलिस्ट डाक्टरों को विशेष तौर पर तैनात किया गया है। डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज डा. राकेश कश्यप व नेशनल प्रोग्राम फार कंट्रोल आफ ब्लाइंडनेस के नोडल आफिसर डा. केएस राणा ने बताया कि आम तौर पर इमरजेंसी में आई स्पेशलिस्ट की तैनाती नहीं होती, लेकिन दीपावली के मौके पर एक सीनियर व दो जूनियर डाक्टरों की ड्यूटी फिक्स की गई है।
एक स्पेशल टीम पूरे 24 घंटे के लिए मौजूद रहेगी। आपरेशन सेटअप भी तैयार रहेगा। डा. केएस राणा ने बताया है कि यदि किसी के आंख में चोट लगती है तो वे सीधे डाक्टर के पास पहुंचे। ऐसा ही कुछ इंतजाम जीएमसीएच 32 में भी किया गया है। जीएमसीएच 32 की इमरजेंसी में भी 29 अक्तूबर से लेकर 31 अक्तूबर सुबह तक के लिए विशेष तौर पर आई स्पेशलिस्ट की ड्यूटी लगाई गई है।
आसमान पर बजने वाले पटाखे ज्यादा खतरनाक
दीपावली पर आतिशबाजी के दौरान कई लोगों की आंखें जख्मी होती हैं। खास तौर पर आसमान पर बजने वाले पटाखे ज्यादा खतरनाक होते हैं। कई बार तो लोगों की आंखें तक चली जाती हैं। इसमें जो पटाखे जलाते हैं वे तो जख्मी होते ही हैं, साथ में वे भी घायल होते हैं, जो पटाखों को देख रहे होते हैं। विशेषज्ञों ने बताया है कि छोटे बच्चों खासकर नवजात को आतिशबाजी के दौरान कमरे में ही रखें।