चंडीगढ़ पीजीआई ने कैप्टन के आरोपों का जवाब दिया।
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच पूरे पंजाब में नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। बुधवार को यह फैसला करते समय मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा था कि चंडीगढ़ पीजीआई पंजाब के मरीजों को भर्ती नहीं कर रहा है। अब इस पर पीजीआई ने जवाब दिया है। पीजीआई प्रशासन ने पंजाब के आरोपों को निराधार बताया है। पीजीआई प्रशासन के अनुसार, मौजूदा समय में पीजीआई में कोविड-19 के 166 गंभीर मरीज भर्ती हैं। इसमें से 80 मरीज पंजाब के हैं।
पीजीआई प्रवक्ता के अनुसार कोविड-19 अस्पताल की आईसीयू फुल हो चुकी है। इसमें भी 50 प्रतिशत मरीज पंजाब के ही हैं। उन्होंने बताया कि 2020 में जब कोरोना चरम स्थिति पर था, उस वक्त भी पंजाब के 39.9 फीसदी मरीज भर्ती थे। एक साल के दौरान पंजाब की तुलना में चंडीगढ़ के काफी कम मरीज यहां भर्ती हुए हैं।
पंजाब के अलावा हरियाणा के मरीजों की संख्या भी 21.4 फीसदी थी। चंडीगढ़ का यह आंकड़ा महज 15 फीसदी का था। कोविड अस्पताल में पंजाब के 24 हजार 762, हरियाणा के 13 हजार 286 और चंडीगढ़ के पांच हजार 344 मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा चुका है। पीजीआई प्रवक्ता ने यह स्पष्ट किया है कि कोविड के मरीजों को लेकर पंजाब द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत हैं। इसकी पुष्टि पीजीआई में भर्ती मरीजों के आंकड़े से हो रही है।