एक फरवरी को मोदी सरकार अपना आखिरी बजट पेश करेगी और चुनावी बजट होने के कारण आम नागरिक से लेकर उद्यमियों व नौकरीपेशा लोगों को इससे काफी उम्मीदें हैं। इतना ही नहीं बजट में ट्राईसिटी को क्या मिलने वाला है, इसको लेकर भी लोग आस लगाने लगे हैं। रसोई से लेकर व्यापारिक प्रतिष्ठान और इंडस्ट्री तक को चुनाव के पहले घोषित किए जाने वाले इस बजट से काफी उम्मीदें हैं। इनकम टैक्स की सीमा को बढ़ाने के साथ व्यापारिक प्रतिष्ठानों और इंडस्ट्री को दिए जाने वाले लोन की ब्याज दरों में कटौती की मांग उठने लगी है। अब देखना यह है कि मोदी सरकार के इस आखिरी बजट से ट्राइसिटी को क्या कुछ खास मिलता है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फोकस करे सरकार
चंडीगढ़ जैसे टियर टू सिटी के लिए सबसे अहम है इन्फ्रास्ट्रक्चर। यहां सरकार को इन्फ्रास्ट्रक्चर के डेवलपमेंट के लिए बजट में प्रावधान करना चाहिए। साथ ही मोदी सरकार को टैक्स की दरों को कम करना चाहिए, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग टैक्स दें। इससे कलेक्शन भी ज्यादा होगी। इसके अलावा आयकर की सीमा को कम से कम पांच लाख तक कर देना चाहिए।
- नवीन मंगलानी, उद्यमी
कम ब्याज दर पर युवा उद्यमियों को मिले लोन
ट्राईसिटी के उद्यमियों के लिए सबसे अहम बात यह है एमएसएमई एक्ट को ठीक से लागू करना। चंडीगढ़ और पंचकूला में यदि देखें तो व्यापार की स्थिति धीरे-धीरे बिगड़ती जा रही है। हां, अच्छी बात यह है कि यूथ बिग्रेड ने अब कमान संभालनी शुरू की है। यदि इस यूथ बिग्रेड को बैंकों से कम दरों पर लोन मिले तो शायद व्यापार को रफ्तार मिले।
- राकेश गर्ग, उद्यमी
उद्योगों को गति देने वाली योजनाएं लाए सरकार
आम बजट उद्यमियों के हित में हो तो आनंद आए। केंद्र सरकार के आखिरी बजट से उम्मीद तो यही है कि कई ऐसी घोषणाएं होंगी जो कि ट्राईसिटी के उद्योग को गति देंगी। मसलन, जीएसटी में कुछ और रियायत मिले, उद्यमियों के लिए योजनाएं लाई जाएं। साथ ही आयकर सीमा भी पांच लाख तक बढ़ने की उम्मीद की जा रही है। जीएसटी में अभी भी कुछ चीजें 28 फीसदी के दायरे में हैं, जिसमें रियायत की उम्मीद है।
- एलबी गुलाटी, उद्यमी
केंद्र सरकार के इस बार के बजट के व्यापारी वर्ग के पक्ष में रहने की उम्मीद है। जिस तरह से अर्थव्यवस्था में बदलाव आया है, उससे लगता है कि केंद्र सरकार अबकी बार काफी कुछ राहत देने वाली है। मोदी सरकार को आयकर की सीमा को पांच लाख तक कर देना चाहिए। इसके साथ ही जीएसटी में रियायत की उम्मीद की जा रही है। इस बार का बजट चुनावी बजट है, ऐसे में आम जनता को भी ढेर सारी उम्मीदें केंद्र सरकार से हैं, उम्मीद है सरकार लोगों को निराश नहीं करेगी।
- अनिल वोहरा, अध्यक्ष, सीबीएम
अबकी बार आयकर की सीमा को आगे बढ़ाने की उम्मीद है। साथ ही जीएसटी में कुछ अच्छे बिंदु सरकार ने पहले कर दिए हैं और 28 फीसदी वाले स्लैब में कुछ वस्तुओं पर 18 फीसदी तक की रियायत होने की संभावना है। उद्यमियों को आयकर की छूट सीमा में और रियायत मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही महंगाई को नियंत्रित करने का भी फार्मूला इस बजट में दिखाई पड़ सकता है।
- चरंजीव सिंह, चेयरमैन, सीबीएम
केंद्र सरकार के चुनाव से पहले आने वाले इस बजट से हमको कई उम्मीदें हैं। हमारे लिए सबसे अहम है कि जीएसटी की दरों में कटौती की जानी चाहिए। इसके साथ ही आयकर की सीमा को बढ़ाकर पांच लाख तक करना चाहिए। वहीं चंडीगढ़ को भी बजट देना चाहिए, जिससे कि प्रशासन यहां ज्यादा से ज्यादा विकास कार्य करवा सके।
- रवि प्रकाश कांसल, उद्यमी
इंडस्ट्री की यह है मांग
1- इंडस्ट्री को कम दरों पर लोन मुहैया करवाया जाए
2- छोटे इंटरप्रेन्योर को स्पेशल इंसेटिव दिए जाएं।
3- सरकार को एक्सपोर्ट यूनिट्स की सुविधा देनी चाहिए
4- आयकर सीमा को पांच लाख तक कर देनी चाहिए
5- एमएसएमई को पूर्ण रूप से लागू किया जाना चाहिए