लेक पर सैर करने आए लोगों का कहना है कि खेलकूद और आपसी जुड़ाव से न केवल तनाव घटता है बल्कि दिनभर तरोताजगी रहती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी गतिविधियां मानसिक स्थिरता और व्यावहारिक कुशलता बढ़ाती हैं।
भागदौड़ और तनाव भरी जिंदगी में मानसिक स्वास्थ्य बड़ी चुनौती बन गया है। ज्यादातर लोग खुलकर इस पर बात भी नहीं कर पाते। ऐसे में सुखना लेक चंडीगढ़वासियों के लिए मानसिक सुकून की जगह बन गया है।
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यहां लोग सुबह के वक्त मॉर्निंग वॉक, योग, हंसी क्लब, पालतू जानवरों के साथ टहलना और दोस्तों से मिलना-जुलना जैसी गतिविधियों से दिन की शुरुआत करते हैं।
लेक पर सैर करने आए लोगों का कहना है कि खेलकूद और आपसी जुड़ाव से न केवल तनाव घटता है बल्कि दिनभर तरोताजगी रहती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी गतिविधियां मानसिक स्थिरता और व्यावहारिक कुशलता बढ़ाती हैं।
लेक पर आयोजित कार्यक्रम में बताया गया कि विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2025 की थीम आपदाओं और आपात स्थिति में मानसिक स्वास्थ्य रखी गई है ताकि लोगों को यह समझाया जा सके कि संकट के समय मानसिक संतुलन बनाए रखना कितना अहम है।
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कार्यक्रम के दौरान नेशनल मेंटल हेल्थ सर्वे के आंकड़े भी साझा किए गए। रिपोर्ट के अनुसार देश में 13.7% लोग जीवन में किसी न किसी दौर में मानसिक समस्या से गुजरते हैं जबकि 10.6% लोग वर्तमान में ऐसी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।