फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: मरीजों के इलाज में चंडीगढ़ नंबर वन, संक्रमण दर भी राष्ट्रीय स्तर से कम

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। एचआईवी से बचाव में चंडीगढ़ देश में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। पीजीआई के एआरटी सेंटर ने देश के 682 एंटीरेट्रोवायरल (एआरटी) सेंटरों में पहला स्थान प्राप्त किया है। जागरूकता के प्रयास का ही परिणाम है कि चंडीगढ़ में एड्स की संक्रमण दर राष्ट्रीय दर से नीचे आ गई है। मौजूदा समय में राष्ट्रीय एचआईवी प्रसार 0.22 प्रतिशत है, जबकि चंडीगढ़ में यह प्रसार दर 0.19 प्रतिशत पर है। दो एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) केंद्र (पीजीआईएमईआर और जीएमसीएच-32) एचआईवी/एड्स (पीएलएचआईवी) से पीड़ित लोगों का मुफ्त इलाज कर रहे हैं। वर्तमान में चंडीगढ़ में एआरटी में 5080 मरीज पंजीकृत हैं। इनमें 3307 पुरुष, 1751 महिलाएं और 22 ट्रांसजेंडर (टीजी) हैं।
विज्ञापन

पीएलएचआईवी को मनोवैज्ञानिक-सामाजिक सहायता प्रदान करने के लिए चंडीगढ़ नेटवर्क ऑफ पॉजिटिव्स (सीएनपी प्लस) की ओर से केयर सपोर्ट सेंटर (सीएससी) चलाया जा रहा है। सीएससी उन पीएलएचआईवी को ट्रैक करने में भी मदद करता है, जो फॉलो-अप में खो जाते हैं और उन्हें एआरटी सेंटर से दोबारा जोड़ते हैं।
27 एचआईवी परीक्षण केंद्रों (12 अकेले परीक्षण केंद्र, 13 सुविधा एकीकृत केंद्र और एक मोबाइल वैन) के माध्यम से निशुल्क और गोपनीय एचआईवी परीक्षण सेवा दी
जा रही है।
उत्तर भारत के मरीजों की जिम्मेदारी
पीजीआई का एआरटी सेंटर देश के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में शामिल है। इसमें चंडीगढ़ के साथ उत्तर भारत के पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर के मरीजों का सुपरविजन किया जाता है। इसके अंतर्गत पांच फैसेलिटी सेंटर, चार एआरटी प्लस सेंटर, 18 एआरटी सेंटर और 13 लिंक एआरटी सेंटर शामिल हैं। इन सेंटरों से गंभीर मरीजों को पीजीआई रेफर किया जाता है। इसकी जिम्मेदारी सेंटर के कार्यक्रम निदेशक, उप कार्यक्रम निदेशक के साथ तीन डॉक्टर और 15 कर्मचारियों की टीम पर होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें