पबजी गेम बैन करने का नोटिफिकेशन काफी समय पहले ही आ गया था लेकिन अभी तक उसे बंद नहीं किया गया। मेरा बेटा लगातार अपने दोस्तों के साथ पबजी खेल रहा है। मां होने के नाते मैं सरकार से अपील करती हूं कि इसे जल्द बंद कर दिया जाए, ताकि बच्चे और माता-पिता चैन की सांस ले सकें। - गीतांजलि वाधवा, वकील जिला अदालत
बहुत से मां-बाप ने चैन की सांस ली होगी
पबजी के बैन से सचमुच बच्चों और युवाओं में एक बहुत बड़े संक्रमण का अंत हो गया। यह बीमारी कोरोना से भी भयंकर थी। बैन करना ही इस बीमारी का समाधान था। आज भारतवर्ष के बहुत सारे मां-बाप ने सुख की सांस ली होगी। इसके बैन होने पर युवाओं में हिंसक और आक्रामक प्रवृत्ति कम होगी। उनके सामाजिक व्यवहार में परिवर्तन आएगा। यह प्रशंसनीय कदम है। - डॉ. अनीश गर्ग, मुख्य प्रवक्ता, क्राफ्ड
युवा बन रहे थे मानसिक रोगी
आज बहुत सारे दुखी मां-बाप को सुकून मिला है। सरकार ने सराहनीय कदम उठाया है। काम सरकार ने कर दिया। युवा पीढ़ी पबजी खेल को लेकर मानसिक रोगी बनती जा रही थी। सरकार के इस कदम के लिए हम कृतज्ञ हैं। - उपराज सिंह राजा, उपप्रधान, नेचर क्योर सोसायटी, चंडीगढ़
मेरे माता-पिता ने पिछले दो सप्ताह से पबजी खेलना बंद करा दिया। मोबाइल से एप भी डिलीट करा दिया है। सरकार का यह फैसला अच्छा है। बच्चों का ध्यान पूरी तरह से मोबाइल पर ही रहता था। इसकी आदत छुड़ाना बड़ा मुश्किल हो रहा था। - अर्णव तिवारी , दसवीं कक्षा का छात्र
खेल का सीमित दायरा रखना जरूरी
कल तक मैं पबजी खेल रहा था। अभी पता चला है कि पबजी सरकार ने बैन कर दिया है। पिछले दो साल से पबजी खेल रहा था। खेल का एक सीमित दायरा होता है। यह केवल मनोरंजन के लिए है। इसे अपने जीवन पर हावी न होने दें। - आर्यमन, बीए प्रथम वर्ष
अब शारीरिक खेलों को जीवन का हिस्सा बनाएंगे
पबजी खेल को घरवाले हमेशा से ही खेलने के लिए मना करते थे। मैं जब भी समय मिलता था चुपके से खेलना शुरू कर देता था लेकिन इसे कभी आदत नहीं बनाया। इसके बैन होने पर निराश नहीं हूं। अब शारीरिक गतिविधियों को तेज करेंगे। - हिमांशु, 10वीं का छात्र
ब्लू व्हेल समेत कई गेम पहले भी आए थे और उन्होंने बच्चों की जान ली है। पबजी भी इसी तरह का है। इस पर भी रोक तो लगी है लेकिन उसकी मॉनीटरिंग नहीं हो रही है। इसके लिए निगरानी करनी होगी। - जतिन सिंह, छात्र, पीयू
पबजी के जाल में फंस रहे थे बच्चे
पबजी गेम को लेकर सरकार गंभीर है और इस पर बैन भी लगाया गया। अभिभावकों को बच्चों पर नजर रखनी होगी, ताकि वह आत्मघाती कदम नहीं उठा पाएं। - प्रिया शर्मा, छात्रा, पीयू
अभिभावकों को बच्चे की गतिविधियों पर रखनी होगी नजर
पबजी गेम को बंद करने के लिए अभिभावकों को ध्यान देना होगा। बच्चे की गतिविधियों पर नजर रखनी होगी कि वह मोबाइल पर क्या देख रहे हैं। साथ ही बच्चों को अभिभावक समझाएं कि वह इस पर ध्यान न दें। उस गेम के नुकसान भी बताएं। - डॉ. रोशन लाल, मनोविज्ञानी, पीयू
पबजी गेम का बैन होना खुशी की बात है लेकिन इस समय अभिभावकों को खासतौर पर सजग रहना होगा, क्योंकि इस गेम के बैन हो जाने से उन बच्चों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा जो इसके एडिक्ट हो चुके हैं। ऐसी स्थिति में उन बच्चों की काउंसिलिंग करनी बेहद जरूरी होगी।
साथ ही उनके माता-पिता को सजगता के साथ उनकी गतिविधियों पर ध्यान रखकर उन्हें सकारात्मक बनाने की कोशिश करनी होगी। यह कहना है कि पीजीआई साइकेट्री डिपार्टमेंट के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. सुबोध बीएम का।
उन्होंने कहा कि इस तरह के गेम ने मनोरंजन के लिए खेले जाने वाले खेल को जान जोखिम में डालने वाला स्टंट बनाकर रख दिया है । बच्चे मनोरंजन से ज्यादा इसके टास्क पर फोकस करने लगते हैं। इस कारण वह खुद के साथ ही अपने परिवार के लोगों को खतरे में डाल देते हैं। ऐसी स्थिति में अभिभावकों को शुरू से ही बच्चों की काउंसिलिंग कर उन्हें खेल से जुड़ी जानकारी देनी चाहिए।
मोबाइल और लैपटॉप के प्रयोग के दौरान उन पर ध्यान देना चाहिए ताकि उन्हें शुरुआती दौर में ही इस तरीके के गेम की आदत डालने से रोका जा सके। डॉ. सुबोध ने बताया कि इस तरह की समस्या को बिहेवियरल एडिक्शन की श्रेणी में रखा जाता है। इसमें दवाओं से ज्यादा काउंसिलिंग का प्रयोग किया जाता है। कई बार अचानक से गेम खेलने से रोकने पर बच्चे ही नहीं बड़े भी डिप्रेशन में चले जाते हैं।
बच्चों के साथ स्थिति ज्यादा खतरनाक इसलिए होती है, क्योंकि वह बड़ों की तुलना में कम मैच्योर होते हैं और वे बिना कुछ सोचे समझे अपनी जान जोखिम में डाल देते हैं। पबजी के बंद हो जाने के बाद इस बात पर ज्यादा ध्यान देना होगा कि बच्चे कहीं इस तरह के दूसरे गेम तो इंटरनेट पर सर्च नहीं करने लगे हैं। ऐसी स्थिति से बचाव के लिए बच्चों के साथ इन विषयों पर खुलकर बात की जानी चाहिए।