पशु चिकित्सा विभाग हर महीने पक्षियों के नमूने एकत्रित करता है ताकि किसी भी बीमारी के फैलने से ही पहले पता लगाया जा सके लेकिन बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए विभाग ने फैसला किया है कि अब हर 15 दिन बाद ये नमूने एकत्र किए जाएंगे।
गौरतलब है कि कई राज्यों में बर्ड फ्लू के मामलों की पुष्टि हुई है। इसके बाद से चंडीगढ़ प्रशासन के वन और वन्यजीव विभाग ने सोमवार को ही अलर्ट जारी कर रखा है। विभाग ने सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। फील्ड के कर्मचारियों से कहा गया है कि यदि वन क्षेत्र में किसी पक्षी की मौत होती है तो उसकी जानकारी तुरंत विभाग को दें। पशुपालन विभाग मुर्गी पालकों पर भी नजर रख रहा है।
जागरूकता के लिए सुखना लेक पर लगाए गए बोर्ड
वन विभाग ने सुखना लेक पर जागरूकता बोर्ड लगाए गए हैं। सुखना लेक पर तीन और धनास में ऐसे दो बोर्ड लगाए गए हैं, जिनके जरिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि अगर किसी भी पक्षी में बर्ड फ्लू के लक्षण दिखाई देते हैं तो वन और वन्यजीव विभाग को तुरंत हेल्पलाइन नंबर 0172-2700217 पर जानकारी दें। इसके अलावा लोगों से कहा गया है कि लेक व तालाबों आदि में जाने के बाद अपने जूते व पैरों को अच्छी तरह से साफ करें।