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चंडीगढ़वासियों को राहत, नहीं बढ़ेंगे पानी के रेट...सिरे से खारिज हुआ प्रस्ताव जानिए क्यों

Wed, 27 Jun 2018 10:24 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
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नल से पानी पीता बच्चा - फोटो : अमर उजाला
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राहत वाली खबर है कि पानी के रेट्स नहीं बढ़ेंगे। नगर निगम की वित्त एवं अनुबंध कमेटी ने अधिकारियों की ओर से तैयार किए गए प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। ऐसे में अब रेट बढ़ाने का प्रस्ताव आगे सदन में भी मंजूरी के लिए नहीं जाएगा। पानी का रेट न बढ़ाने के प्रस्ताव को खारिज करके अधिकारियों की प्लानिंग को फेल कर दिया गया है। जबकि कमिश्नर सहित अधिकारियों ने कहा कि रेट्स बढ़ाना इस समय जरूरत है। लेकिन यह निर्णय लिया गया कि पहले जहां जहां पर बिना मीटर के पानी की सप्लाई हो रही है वहां पर मीटर लगाए जाएं।
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इसके अलावा जहां जहां पर पानी की बर्बादी हो रही है उसे रोका नहीं जाता तब तक पानी के रेट्स नहीं बढ़ाएं जाएंगे। इस समय शहर में 25 प्रतिशत से ज्यादा पानी बर्बाद हो रहा है। सदस्यों ने अधिकारियों को कहा कि जो डिफाल्टर्स है उनसे पानी के बिल रिकवर किए जाएं। उसके बाद रेट्स बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। ऐसे में अब यह प्रस्ताव इस साल के लिए टल गया है। अधिकारियों ने कहा कि हर साल पानी की सप्लाई 70 से 80 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। मेयर देवेश मोदगिल का कहना है कि जब तक सारा सिस्टम मजबूत नहीं हो जाता तब तक रेट्स नहीं बढ़ाए जाएंगे।

मालूम हो कि कमिश्नर केके यादव द्वारा ही निगम की वित्तीय हालत खस्ता होने के कारण रेट्स बढ़ाने का प्रस्ताव खारिज किया गया था। सूत्रों कहना है कि चुनावी साल होने के कारण रेट्स बढ़ाने का फैसला लेकर मेयर कांग्रेस को मुद्दा नहीं देना चाहते हैं। मेयर का कहना है कि पानी की बर्बादी रोकने के लिए एक कमेटी का भी गठन किया जाएगा।
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कंपनी से रिकवरी चार्ज की जाए
बैठक में पेड पार्किंग चलाने वाली आर्य इंफ्रा कंपनी का मामला भी गरमाया। कमेटी ने यह निर्णय लिया कि जो कंपनी पर 4 करोड़ से ज्यादा राशि पेंडिंग है उसे तुरंत प्रभाव से रिकवर किया जाए। कंपनी ने हाल ही में नगर निगम को अपना ज्ञापन सौंपा था जिसमें कहा था कि सेक्टर-22 की पार्किंग में वेंडर बैठे हुए है जिस कारण नुकसान हो रहा है। इस बात पर अधिकारियों ने कहा कि इस समय ऐसा कुछ नहीं है। इसके साथ ही कंपनी की पिछले दिनों ओवरचार्जिंग के चालान को रिकार्ड में शामिल न करने की अपील को भी खारिज कर दिया जाए।

कंपनी ने यह कहा था कि वह जुर्माना देने के लिए तैयार है लेकिन इस वायलेशन को नियम का पार्ट न बनाया जाए। लेकिन सदस्य इसके लिए तैयार नहीं हुए। इसके साथ पेड पार्किंग के अंदर अव्यवस्थित पार्किंग मिलने पर जुर्माने की राशि कम नहीं होगी। जुर्माने के रेट कम करने का प्रस्ताव भी सदन में आया था। आर्य इंफ्रा कंपनी के साथ समझौता खारिज करने के मामले में कमिश्नर केके यादव 29 जून को होने वाली सदन की बैठक में जवाब देंगे।

नो पार्किंग में पार्क वाहनों का जुर्माना होगा कम
अनुबंध कमेटी ने नो पार्किंग मे खड़े पार्क का जुर्माना कम कर दिया है। ऐसे में अब अब कार चालक से 3500 की बजाय 1500 रुपये का जुर्माना वसूल किया जाएगा। दोपहिया वाहन चालकों से 700 रुपये वसूल किया जाएगा जबकि इस समय 1500 रुपये का दोपहिया वाहन जब्त करने पर चार्ज किया जाएगा। अनुबंध कमेटी ने छह टायर वाले वाहन नो पार्किंग से जब्त करने का जुर्माना 3500 रुपये तय किया है जबकि छह से ज्यादा टायर वाले वाहन का जुर्माना 4500 रुपये तय किया है।

मालूम हो नगर निगम ने पिछले सप्ताह भारी भरकम जुर्माना चार्ज किया था जिससे शहरवासियों में रोष बढ़ गया था जिसके बाद यह जुर्माना कम करने का प्रस्ताव किया गया था। जबकि ट्रैफिक पुलिस की ओर से चार और दोपहिया वाहन चालकों से 1300 रुपये का जुर्माना वसूल किया जाता है। बैठक में केबल तार अंडरग्राउंड डालने के लिए जो रेंट तय करने का प्रस्ताव था उसे भी खारिज कर दिया गया है।
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