मनोनीत पार्षदों से बहस करते आप पार्षद।
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चंडीगढ़ नगर निगम में मंगलवार को सदन की बैठक हंगामे के साथ शुरू हुई। आप पार्षदों ने अधिकारियों पर वित्त एवं अनुबंध कमेटी के फैसले की तौहीन करने का आरोप लगाया। सभी पार्षदों ने एकजुट होकर कहा कि जब केबल तार काटने का निर्णय कमेटी ने आठ माह बाद का लिया था तो अफसर उससे ऊपर होकर तार क्यों काट रहे हैं। इससे पूरा शहर प्रभावित हो रहा है। वहीं आप पार्षद नेहा मुसावत ने अपने क्षेत्र में टूटी सड़कों को लेकर मुद्दा उठाया और सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
सदन की बैठक में इस बार फायर ब्रिगेड विभाग से फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट के शुल्क बढ़ाने, निजी कार्यक्रमों में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलाने के लिए शुल्क 500 रुपये से 1 हजार रुपये करने, मनीमाजरा सहित 13 गांवों में सफाई का काम निजी हाथों में देने का प्रस्ताव लाया गया है। निगम का कहना है कि अगले 2 दिनों में ज्यादातर सफाईकर्मी रिटायर हो जाएंगे। ऐसे में जो अतिरिक्त क्षेत्र निगम के पास आया है उसमें निजी हाथों में सफाई व्यवस्था देना बेहतर है। ज्ञात हो कि दक्षिण के सेक्टरों में अभी सफाई व्यवस्था निजी हाथों में है। वहीं उत्तर के क्षेत्रों में निगम खुद ही सफाई व्यवस्था करता है।