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निगम की बैठक में हुआ जमकर हंगामा, जेपी कंपनी पर लिया बड़ा फैसला

Thu, 01 Sep 2016 09:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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MC House Meeting - फोटो : Amar Ujala
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चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक में आज जमकर हंगामा हुआ। इस हंगामें के बीच निगम ने डडूमाजरा स्थित गारबेज प्लांट को चलाने वाली जेपी कंपनी को बर्खास्त करने का निर्णय ले लिया है। इसके लिए नगर निगम के सदन में कांग्रेस के विरोध के बावजूद यह निर्णय लिया है कि कंपनी से छुटकारा पाने के लिए उन्हें प्लांट में लगी मशीनरी की लागत अदा की जाएगी।
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सदन में कमिश्नर ने बताया कि एनजीटी ने भी एक सप्ताह के भीतर मामला निपटाने के लिए कहा है और कंपनी की भी वितीय हालत ठीक नहीं है ऐसे में वह भी वर्तमान प्लांट को अपग्रेड करने के लिए तैयार नहीं है। इसके साथ यह भी निर्णय लिया गया है कि प्लांट चलाने के लिए नई कंपनी को लाया जाएगा। जो लागत जेपी कंपनी को दी जाएगी वह लागत प्लांट चलाने वाली नई कंपनी से ली जाएगी उनके सामने यह प्रस्ताव रखा जाएगा कि अगर वह लागत देने के लिए तैयार है तो वह जो कूड़ा प्रोसेस करेंगे इसके लिए टिपिंग फीस देने के लिए तैयार है।

50 मिनट देरी से शुरू हुई बैठक, कांग्रेस ने किया बवाल

MC House Meeting - फोटो : Amar Ujala
मेयर जेपी कंपनी से प्लांट वापस लेने का प्रस्ताव हर हालत में पास करवाना चाहते थे। मेयर को पहले ही कांग्रेस के विरोध का आभास हो गया था इसलिए उन्होंने सुबह 10.30 बजे ही अपने पार्टी के पार्षद और मनोनीत पार्षदों की सहमति बनाने के लिए बैठक बुला ली जिस कारण सदन की बैठक भी 50 मिनट देरी से शुरू हुई जिस कारण कांग्रेस पार्टी ने सदन में भी जमकर हंगामा किया।

कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने सदन में कहा कि मेयर उन्हें विश्वास में लेना ही नहीं चाहते हैं। पूर्व मेयर हरफूल चंद कल्याण ने हंगामा करते हुए मेयर को कहा कि देरी से सदन शुरू होने का कारण बताया जाए। मेयर कार्यालय में सदन से पहले बुलाई गई विशेष बैठक में भाजपा पार्षद सतिंदर सिंह और डिप्टी मेयर हरदीप सिंह शामिल नहीं हुए। सीनियर डिप्टी मेयर देवेश मोदगिल ने सदन की कार्रवाई देरी से शुरू होने पर माफी मांगी लेकिन उन्होंने कांग्रेस को कहा कि उनके कार्यकाल में भी ऐसा कई बार हो चुका है।

मिनिट्स में बदलाव करने से मेयर ने किया इंकार

MC House Meeting - फोटो : Amar Ujala
उप्पल हाउसिंग प्रोजेक्ट पर जून माह में रिकार्ड हुए मिनिटस पर बदलाव करने से मेयर अरुण सूद ने इंकार कर दिया जब भाजपा पार्षद सतिंदर सिंह ने बुधवार को सदन की बैठक में यह मामला उठाया। सतिंदर सिंह ने सदन की कार्रवाई की रिकार्डिंग सीडी देखने की भी बात की।

इस पर भाजपा पार्षद सतिंदर सिंह ने मेयर को यह भी कहा कि अगर वह मिनिट्स में बदलाव नहीं करना चाहते तो यह बात इस माह के मिनिट्स में यह शब्द शामिल कर दें। मालूम हो कि इससे पहले कांग्रेस पार्टी भी रिकार्ड हुए मिनिटस पर सवाल खड़े कर चुकी है।

कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व मेयर प्रदीप छाबड़ा ने वित्त एवं अनुबंध कमेटी की ओर से शहर की सभी पेड पार्किंगों को स्मार्ट बनाने का निर्णय लेने पर सवाल खड़ा किया है। छाबड़ा ने कहा कि साढ़े तीन करोड़ रुपये का यह एजेंडा पास करने का अधिकार अनुबंध कमेटी को नहीं है यह प्रस्ताव सदन की बैठक में पास होने के लिए आना चाहिए था।
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पेवर ब्लाक पर जमकर हुआ हंगामा

MC House Meeting - फोटो : Amar Ujala
धनास की मिल्क कालोनी की वी-6 रोड पर कंकरीट की बजाय पेवर ब्लाक लगाने के प्रस्ताव पर जमकर हंगामा हुआ। यहां पर दो करोड़ 35 लाख रुपये का प्रस्ताव चर्चा के लिए आया था। यह वार्ड कांग्रेस पार्षद सुभाष चावला का है। मेयर अरुण सूद ने कहा कि पालिसी के अनुसार छह फूट से ज्यादा के एरिया में पेवर ब्लाक नहीं लग सकता जबकि कांग्रेस पार्षद सुभाष चावला ने कहा कि इससे पहले भी लगाए गए हैं।

न्होंने पिछले माह सेक्टर-35 की वी-6 रेाड पर पेवर ब्लाक पास होने के प्रस्ताव का जिक्र किया जिसके बाद निर्णय लिया गया कि मौके पर निरीक्षण के बाद आगामी निर्णय लगेगा। मेयर अरुण सूद ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा पेवर लगाने को प्रमोट नहीं करना चाहिए। इस मुद्दे पर तो कांग्रेस ने मेयर से वोटिंग तक की मांग कर ली थी। भाजपा पार्षद सतप्रकाश अग्रवाल ने भी वोटिंग की मांग की। कांग्रेस पार्षद गुरबख्श रावत ने मेयर को कहा कि ईडब्लयूएस कालोनियों में पेवर ब्लाक लगाने का पालिसी में कोई जिक्र नहीं है जबकि ऐसी कालोनियों में सबसे ज्यादा जरूरत होती है। 
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