चंडीगढ़ कांग्रेस नेताओं की प्रेस कांफ्रेंस
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कांग्रेस और भाजपा पर ज्यादा से ज्यादा युवाओं को टिकट देने का दबाव बन रहा है। इसका एक बड़ा कारण यह भी है कि 5 लाख से ज्यादा मतदाताओं में करीब डेढ़ लाख से ज्यादा वोट वोटरों की उम्र 18 से 35 साल के बीच है।
कोई भी दल युवाओं की अनदेखी कर जीत नहीं सकता है। ऐसे में कांग्रेस और भाजपा का युवा विंग सक्रिय हो गया है। युवा नेताओं ने अपने अपने पार्टी हाईकमान से भी संपर्क करना शुरू कर दिया है। ऐसे में युवाओं को अडस्ट करने पर कई दिग्गज और सीनियर नेताओं की टिकट कट सकती है। अगर युवाओं को टिकट मिले तो कई दिग्गज नेताओं को इस बार घर बैठना पड़ेगा।
कांग्रेस और भाजपा 20 से 25 प्रतिशत टिकट युवाओं को देने का प्लान बना रही है। पिछले नगर निगम चुनाव में भी एन मौके पर युवा उम्मीदवारों को मैदान में उतारने पर कई वरिष्ठ नेताओं के टिकट कट गए थे। जिससे पार्टी को गु़टबाजी और सीनियर नेताओं को नाराजगी भी झेलनी पड़ी थी। उसका परिणाम यह भी हुआ कि अधिकतर युवा नेता चुनाव हार गए।
नगर निगम के कुल 26 वार्डों में चुनाव होने हैं। जिनमें 9 महिलाओं (33 प्रतिशत आरक्षण) को टिकट मिलनी है। इस कोटे से कांग्रेस और भाजपा अपनी युवा नेताओं को भी मैदान में उतार सकती है। बसपा से टिकट मांगने वाले अधिकतर युवा हैं। नगर निगम में बसपा की एक मात्र पार्षद जन्नत जहां उल हक भी युवा हैं और इस बार भी वह चुनाव लड़ेंगी।