नगर निगम चुनाव के लिए रिजर्व वार्डों की घोषणा से मौजूदा जनरल श्रेणी के पार्षदों के साथ ही उन छह पार्षदों के भी चुनावी समीकरण बिगड़ गए जिनके वार्ड इस ड्रा में रिजर्व से जनरल हो गए हैं। हालांकि, एससी और महिला उम्मीदवारों को जनरल वार्ड से चुनाव लड़ने की छूट है।
लेकिन, कोई भी राजनीतिक दल ऐसा नहीं करता है। एससी और महिला वार्ड होने पर उसी कैटेगरी के उम्मीदवार मैदान में उतारा जाता है। अब कोई भी दल इन्हें जनरल सीट पर चुनाव लड़वाने का ऐसा रिस्क नहीं लेना चाहता है, जिससे कि सामान्य श्रेणी के मतदाताओं में गलत संदेश जाए या बगावत के आसार बने। 12 वर्तमान पार्षदों का वार्ड रिजर्व होने के साथ साथ उन पार्षदों का राजनीतिक खेल बिगड़ा है जिनका वार्ड पिछली बार (साल 2011) रिजर्व था लेकिन अब वह जनरल कैटेगरी के लिए तय हो गया है। ऐसे में राजनीतिक दल उन्हें दूसरे रिजर्व हुए वार्ड में चुनाव लड़ने के लिए भेजेंगे या फिर उन्हें इस बार घर बैठना होगा। ऐसे मौजूदा पार्षदों की संख्या आधा दर्जन है।