नई दिल्ली/चंडीगढ़। शहर के मेयर चुनाव के पूर्व पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष बिना शर्त माफी मांगी। मतपत्रों को विकृत करने के आरोप में मसीह की काफी आलोचना हुई थी।
मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ के समक्ष मसीह की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी पेश हुए और माफी मांगी। उन्होंने कहा, हमने बिना शर्त माफी मांगी है। मेरी उनसे लंबी बातचीत हुई। वह पहला हलफनामा वापस ले लेंगे। यह बिना शर्त माफी है। दरअसल, अनिल मसीह ने अपने पहले हलफनामे में दावा किया था कि आम आदमी पार्टी नेता की ओर से आठ मतपत्रों को खराब कर दिया गया। उन्होंने यह भी बताया गया था कि वीडियो लीक के बाद वह डिप्रेशन में थे और इस वजह से मुख्य न्यायाधीश की ओर से पूछे गए सवालों का सही उत्तर नहीं दे सके। मसीह ने आगे लिखा था कि, मैं मानसिक आघात और तनाव में था। अदालत में तीखी बहसों के बाद तनावपूर्ण माहौल था, जिसका मुझ पर असर पड़ा। वहीं, वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने इसका विरोध करते हुए कहा कि सिर्फ माफी मांगने से काम नहीं चलेगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मामले की अगली सुनवाई जुलाई के दूसरे सप्ताह में होगी। मसीह के मतपत्रों को खराब करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में भाजपा उम्मीदवार को विजेता घोषित करने के फैसले को रद्द कर दिया था और आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी कुलदीप कुमार को विजेता घोषित कर दिया था। कोर्ट ने मसीह के आचरण की कड़ी निंदा की थी और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
30 जनवरी को हुए थे चुनाव
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर 30 जनवरी को चंडीगढ़ के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के लिए चुनाव हुए थे। हाईकोर्ट ने सुबह 10 बजे से चुनाव कराने के आदेश दिए थे लेकिन मतदान सुबह करीब 11:15 बजे शुरू हुए। सांसद किरण खेर ने पहला वोट डाला। 12:41 बजे वोटों की गिनती शुरू हुई। इसके बाद ही सारा हंगामा हुआ। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह ने बैलेट पेपर पर अपने हस्ताक्षर करते हुए वोटों पर निशान लगा दिए, जिसके बाद उन्होंने खुद ही आठ वोटों को अमान्य घोषित कर दिया और भाजपा का मेयर घोषित कर दिया। चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए कुलदीप कुमार सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे।
मेयर चुनाव विवाद के बाद से सदन में नजर नहीं आए अनिल मसीह
30 जनवरी को हुए मेयर चुनाव विवाद के बाद से अनिल मसीह नगर निगम के सदन में नहीं बैठे हैं। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन के कुलदीप कुमार के मेयर बनने के बाद कई सदन की बैठक हो चुकी है लेकिन एक में भी अनिल मसीह ने हिस्सा नहीं लिया। हर बार उनकी सीट खाली नजर आई। हालांकि अनिल मसीह चंडीगढ़ में ही हैं।