पवन बंसल और राघव चड्ढा।
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भाजपा हाईकमान भी सक्रिय हो चुका है। गठबंधन के नेता पहला चुनाव किसी भी तरह से जीतना चाहते हैं ताकि देशभर में संदेश दिया जा सके। दूसरी ओर, गठबंधन के पहले चुनाव को हराने के लिए भाजपा ने भी एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। गठबंधन के रथ को चंडीगढ़ में ही रोकने का निर्देश है।
हंगामे के बाद चंडीगढ़ पहुंचे चड्ढा, बंसल से की मुलाकात
मंगलवार के हंगामे की तस्वीरों ने गठबंधन के नेताओं की माथे पर लकीर ला दी है। आप नेता राघव चड्ढा चंडीगढ़ पहुंचे और उन्होंने चुनाव की रणनीति पर चर्चा की। बैठक के बाद पवन बंसल ने कहा कि भाजपा चाहे जितनी मर्जी चालाकी कर ले लेकिन इस बार गणित गठबंधन के हक में है। गठबंधन नगर निगम पर काबिज होने जा रहे हैं और यही मार्ग आगे लोकसभा चुनाव में भी जीत दिलाएगा।
आप के प्रभारी जरनैल सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि 18 जनवरी को भाजपा की तानाशाही को खत्म करने की शुरुआत चंडीगढ़ से की जाएगी। भाजपा की तानाशाही के खिलाफ आम आदमी पार्टी और कांग्रेस मिलकर मेयर बनाएंगे। उन्होंने लिखा कि पिछले दो साल में भाजपा ने चंडीगढ़ के लिए कुछ भी नहीं किया। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने हंगामे का वीडियो साझा किया और लिखा कि चंडीगढ़ में पुलिस बल, धन और बाहुबल का दुरुपयोग हो रहा है। कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी और एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष सचिन गालव पर भाजपा के गुंडों ने हमला किया। उन्होंने पुलिस को टैग करते हुए लिखा कि कानून और व्यवस्था कहां है।
मेयर चुनाव में कैसे डालना है वोट, पार्षदों को दी गई ट्रेनिंग
मेयर चुनाव के लिए गुरुवार को वोट डाले जाएंगे। एक छोटी सी गलती की वजह से वोट को अयोग्य करार दिया जा सकता है इसलिए बुधवार को आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के सभी पार्षदों को वोट डालने की ट्रेनिंग दी गई। पार्टी के वरिष्ठ नेता और मेयर चुनाव में कई बार वोट दे चुकीं पार्षद गुरबक्श रावत व अन्य ने नए पार्षदों को वोट डालने के तरीके के बारे में विस्तृत जानकारी दी। सभी पार्षदों को निर्देश दिए गए हैं कि वोट डालते समय बहुत ही ज्यादा सावधानी बरतें क्योंकि एक भी वोट खराब होने का लाभ भाजपा को मिलेगा।