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Chandigarh Mayor Election: चंडीगढ़ में भाजपा और 'इंडिया' गठबंधन के बीच पहली लड़ाई, सभी दलों ने झोंकी ताकत

Thu, 18 Jan 2024 01:30 AM IST
ajay kumar रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ मेयर का चुनाव बेहद दिलचस्प हो गया है। कांग्रेस-आम आदमी पार्टी और भाजपा ने ताकत झोंक दी है। लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर भारत में तीनों दलों की खातिर यह चुनाव किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस-आप को मात देने की रणनीति बनाई तो वहीं कांग्रेस व आप के नेता इस बात पर आश्वस्त हैं कि इस बार गणित उनके पक्ष में है। 
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Chandigarh Mayor Election: - फोटो : फाइल
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विस्तार
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चंडीगढ़ का मेयर चुनाव अब सिर्फ चंडीगढ़ तक सीमित नहीं रह गया है। यह देश में भाजपा और इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इनक्लूसिव अलायंस (इंडिया) के बीच की पहली लड़ाई बन चुका है। चंडीगढ़ से दिल्ली तक के नेता सक्रिय हो चुके हैं। हर कोई किसी भी कीमत पर चुनाव जीतना चाहता है। कई की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। मंगलवार को हुए हंगामे के बाद बुधवार को पवन बंसल ने राघव चड्ढा से मुलाकात की तो भाजपा के नेता भी दिनभर रणनीति बनाने में जुटे रहें।

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चंडीगढ़ नगर निगम में पिछले कई वर्षों से लगातार भाजपा का मेयर बनते आ रहा है। वर्ष 2021 में हुए नगर निगम चुनाव में आप को सबसे ज्यादा सीटें मिली थीं। बावजूद इसके भाजपा दो साल से अपना मेयर बनाने में कामयाब रही। इस बार भाजपा को हराने के लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने गठबंधन कर लिया।

पार्टी नेताओं ने कहा कि यह स्थानीय स्तर पर हुआ समझौता है लेकिन मंगलवार को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि मेयर चुनाव के लिए पहला गठबंधन हुआ है और इंडिया गठबंधन की जीत का रथ चंडीगढ़ से चलेगा। चंडीगढ़ मेयर चुनाव कोई आम चुनाव नहीं है। यह चुनाव राजनीति की तकदीर और तस्वीर बदलने वाला है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद देशभर के नेताओं की नजर चंडीगढ़ मेयर चुनाव की तरफ पड़ी और अब सभी इसमें रुचि लेने लगे हैं। 

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पवन बंसल और राघव चड्ढा। - फोटो : अमर उजाला
भाजपा हाईकमान भी सक्रिय हो चुका है। गठबंधन के नेता पहला चुनाव किसी भी तरह से जीतना चाहते हैं ताकि देशभर में संदेश दिया जा सके। दूसरी ओर, गठबंधन के पहले चुनाव को हराने के लिए भाजपा ने भी एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। गठबंधन के रथ को चंडीगढ़ में ही रोकने का निर्देश है।

हंगामे के बाद चंडीगढ़ पहुंचे चड्ढा, बंसल से की मुलाकात

मंगलवार के हंगामे की तस्वीरों ने गठबंधन के नेताओं की माथे पर लकीर ला दी है। आप नेता राघव चड्ढा चंडीगढ़ पहुंचे और उन्होंने चुनाव की रणनीति पर चर्चा की। बैठक के बाद पवन बंसल ने कहा कि भाजपा चाहे जितनी मर्जी चालाकी कर ले लेकिन इस बार गणित गठबंधन के हक में है। गठबंधन नगर निगम पर काबिज होने जा रहे हैं और यही मार्ग आगे लोकसभा चुनाव में भी जीत दिलाएगा। 

आप के प्रभारी जरनैल सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि 18 जनवरी को भाजपा की तानाशाही को खत्म करने की शुरुआत चंडीगढ़ से की जाएगी। भाजपा की तानाशाही के खिलाफ आम आदमी पार्टी और कांग्रेस मिलकर मेयर बनाएंगे। उन्होंने लिखा कि पिछले दो साल में भाजपा ने चंडीगढ़ के लिए कुछ भी नहीं किया। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने हंगामे का वीडियो साझा किया और लिखा कि चंडीगढ़ में पुलिस बल, धन और बाहुबल का दुरुपयोग हो रहा है। कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी और एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष सचिन गालव पर भाजपा के गुंडों ने हमला किया। उन्होंने पुलिस को टैग करते हुए लिखा कि कानून और व्यवस्था कहां है।

मेयर चुनाव में कैसे डालना है वोट, पार्षदों को दी गई ट्रेनिंग

मेयर चुनाव के लिए गुरुवार को वोट डाले जाएंगे। एक छोटी सी गलती की वजह से वोट को अयोग्य करार दिया जा सकता है इसलिए बुधवार को आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के सभी पार्षदों को वोट डालने की ट्रेनिंग दी गई। पार्टी के वरिष्ठ नेता और मेयर चुनाव में कई बार वोट दे चुकीं पार्षद गुरबक्श रावत व अन्य ने नए पार्षदों को वोट डालने के तरीके के बारे में विस्तृत जानकारी दी। सभी पार्षदों को निर्देश दिए गए हैं कि वोट डालते समय बहुत ही ज्यादा सावधानी बरतें क्योंकि एक भी वोट खराब होने का लाभ भाजपा को मिलेगा।
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