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चंडीगढ़ मेयर चुनाव का बिगुल बजा: 20 जनवरी को नामांकन, 24 को चुनाव...इस बार रमणीक बेदी पीठासीन अधिकारी

Tue, 07 Jan 2025 05:41 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ में मेयर का कार्यकाल एक साल के लिए होता है। चंडीगढ़ के मेयर के चुनाव में जनता वोट नहीं करती है। जनता द्वारा चुने हुए पार्षद इस चुनाव में वोट डालते हैं।
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चंडीगढ़ नगर निगम - फोटो : फाइल
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विस्तार
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चंडीगढ़ में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए 24 जनवरी को चुनाव होंगे। इसकी घोषणा मंगलवार को डीसी निशांत कुमार यादव ने एक आदेश के जरिए की। 
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20 जनवरी को सभी पदों के लिए नामांकन भरे जाएंगे। इस बार पीठासीन अधिकारी मनोनीत पार्षद रमणीक सिंह बेदी होंगे। पिछली बार हुई विवादित घटनाओं से बचने के लिए इस बार कड़ी सुरक्षा और कैमरों का प्रबंध किया जाएगा।

निगम कार्यालय में होगा चुनाव

सेक्टर-17 स्थित नगर निगम कार्यालय में सुबह 11 बजे से चुनाव की कार्यवाही शुरू होगी। सबसे पहले मेयर पद के लिए मतदान होंगे और उसके बाद सीनियर डिप्टी मेयर और फिर डिप्टी मेयर के लिए वोट डाले जाएंगे। वोटिंग बैलेट पेपर के माध्यम से कराई जाएगी। पदों के लिए संबंधित उम्मीदवार 20 जनवरी को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक नामांकन दाखिल कर सकते हैं। 

इस साल महिला पार्षद के लिए आरक्षित है पद

चंडीगढ़ में मेयर का पद एक साल के लिए होता है, इसलिए हर साल जनवरी के महीने में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए चुनाव होते हैं। मेयर पद इस साल महिला पार्षद के लिए आरक्षित है। 

आप और कांग्रेस गठबंधन में लड़ेंगे

आम आदमी पार्टी और कांग्रेस इस बार भी गठबंधन में चुनाव लड़ेंगे। गठबंधन के उम्मीदवार का सीधा मुकाबला भाजपा के उम्मीदवार से होगा। माना जा रहा है कि गठबंधन में मेयर सीट पर आम आदमी पार्टी और सीनियर डिप्टी मेयर की सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार खड़े होंगे। 

पिछले साल हुए चुनाव में पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह ने गठबंधन के आठ वोट खराब कर दिए थे, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा था। चुनाव की घोषणा के बाद प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि प्रशासन निर्धारित नियमों के अनुपालन में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करेगा।

आईएमए में कई बड़े पदों पर रह चुके हैं बेदी

दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा के तुरंत बाद चंडीगढ़ मेयर चुनाव की तारीख की भी घोषणा हो गई है। 24 जनवरी को चुनाव कराने के लिए मनोनीत पार्षद रमणीक बेदी को पीठासीन अधिकारी बनाया है। पिछली बार हुई धांधली से सीख लेते हुए इस बार पीठासीन अधिकारी चुनने में काफी ध्यान रखा गया है। बेदी एक साफ सुथरी छवि वाले व्यक्ति हैं। वह विश्व चिकित्सा संघ में चिकित्सा नैतिकता के सलाहकार, सांता क्रूज़ कैलिफ़ोर्निया यूएसए डब्ल्यूएचओ में सलाहकार, अस्पताल बोर्ड ऑफ़ इंडिया के सह-अध्यक्ष, आईएमए-एमएसएमई के राष्ट्रीय संयोजक व अन्य पद संभाल चुके हैं।

न हो कई गलती, पहले ही निगम पहुंचे डीसी

चुनाव की घोषणा से पहले डीसी निशांत कुमार यादव ने मंगलवार को नगर निगम का दौरा किया और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। दौरे के दौरान डीसी ने निष्पक्ष, पारदर्शी और कुशल चुनाव प्रक्रिया के महत्व पर जोर देते हुए नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, रसद और निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुपालन सहित चुनाव की तैयारियों की भी समीक्षा की। कर्मचारियों को प्रभावी ढंग से समन्वय करने और प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी संभावित चुनौतियों का समाधान करने के लिए विशेष निर्देश दिए गए। इस दौरान संयुक्त आयुक्त-1 गुरिंदर सिंह सोढी, संयुक्त आयुक्त-2 ईशा कंबोज, संयुक्त आयुक्त-3 शशि वसुंधरा के साथ नगर निगम के अन्य अधिकारियों भी उपस्थित रहे।
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मेयर चुनाव के खिलाफ कोर्ट जाएगी आप

आम आदमी पार्टी नगर निगम के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के लिए 24 जनवरी को चुनाव कराने के डिप्टी कमिश्नर के नोटिफिकेशन के खिलाफ कोर्ट जाएगी। आप नेताओं का कहना है कि भाजपा ने एक बार फिर चंडीगढ़ नगर निगम में लोकतंत्र की हत्या करने के लिए सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर साजिश रची है।

आप चंडीगढ़ के सहप्रभारी डॉ. एसएस आहलूवालिया ने कहा कि सरकारी अधिकारियों पर दबाव डालकर मेयर का कार्यकाल 11 महीने का कर दिया गया, जबकि कानून के मुताबिक मेयर का कार्यकाल एक साल का होता है। मेयर कुलदीप कुमार का कार्यकाल 19 फरवरी 2025 को समाप्त होने वाला है, लेकिन एक महीने पहले ही इसे खत्म कर दिया गया। यह भी दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रशासन ने मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में गुप्त मतपत्र के बजाय हाथ उठाकर मतदान की मांग को खारिज कर दिया। आम आदमी पार्टी इस पूरी साजिश के खिलाफ कोर्ट जाएगी।

टूटने से बचाने के लिए पार्षदों को फिर कहीं ले जाने की चर्चा

मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर बनाने के लिए आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के पास पर्याप्त नंबर है, लेकिन आम आदमी पार्टी के कई पार्षद खफा चल रहे हैं। कुछ संगठन से नाराज है तो कुछ मनचाहा पद पाने के लिए पार्टी के अंदर संघर्ष कर रहे हैं। हाल ही में आम आदमी पार्टी ने संगठन की भी घोषणा की है, उसकी वजह से भी कुछ पार्षद नाराज चल रहे हैं। बीजेपी यह अच्छे से जानती है, इसलिए उन पार्षदों से हर तरीके से संपर्क साधा जा रहा है।

कोशिश की जा रही है कि चुनाव से पहले या तो उन्हें भाजपा में शामिल कर लिया जाए या फिर उन्हें क्रॉस वोटिंग के लिए मनाया जाए। इसके लिए हर तरह से जोड़-तोड़ की कोशिश की जा रही है। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं को भी यह मालूम है इसलिए अपने पार्षदों को टूटने से बचाने के लिए वह पिछली बार की तरह फिर से बाहर किसी रिजॉर्ट में ले जा सकते हैं। पिछली बार भी आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के पार्षद 20 दिन तक रोपड़ के रिजॉर्ट में रहे थे। वह मेयर चुनाव के दिन ही चंडीगढ़ पहुंचे थे।

वर्तमान में वोट का गणित 

भाजपाः 15 पार्षद
आम आदमी पार्टीः 13 पार्षद
कांग्रेसः 7 पार्षद और एक सांसद

मेयर पद के लिए संभावित उम्मीदवार

भाजपाः हरप्रीत कौर बबला, सरबजीत कौर
आम आदमी पार्टी + कांग्रेसः अंजू कात्याल, प्रेम लता, पूनम
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