pradeep chabra and sanjay tandon
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चंडीगढ़ में मेयर चुनाव होने वाले हैं और सीनियर डिप्टी मेयर या डिप्टी मेयर का पद न मिलने से अकाली दल-भाजपा में खटास आ गई है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि शिअद का भाजपा के साथ पुराना गठबंधन है। गठबंधन धर्म निभाने की जिम्मेदारी भाजपा की थी।
हालांकि, अकाली पार्षद हरदीप सिंह ने भाजपा के मेयर पद के उम्मीदवार देवेश मोदगिल को समर्थन दिया है। अकाली दल ने भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन को पत्र लिखकर सीनियर डिप्टी या डिप्टी मेयर का पद मांगा था, लेकिन भाजपा की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा ही नहीं हुई। इसके बाद नेताओं का कहना है कि भाजपा शिअद के साथ धक्का कर रही है।
पंजाब पर पड़ेगा असर : चीमा
पंजाब के पूर्व शिक्षा मंत्री व चंडीगढ़ शिअद के प्रभारी डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने राष्ट्रीय संगठन मंत्री से कहा था कि यदि शिअद को सीट नहीं मिली तो पंजाब में इसका असर देखने को मिलेगा, लेकिन उनकी चिट्ठी का कोई असर नहीं हुआ। शिअद और भाजपा का चंडीगढ़ और पंजाब में गठबंधन है।
गठबंधन में चार सीटें मिलती हैं शिअद को
हर नगर निगम चुनाव में गठबंधन के तहत शिअद को चार सीटें चुनाव लड़ने के लिए मिलती हैं। इन पर भाजपा अपने उम्मीदवार मैदान में खड़ा नहीं करती है। साल 2016 के दिसंबर माह में हुए चुनाव में चार सीटों में से सिर्फ एक ही सीट अकाली दल जीत पाया था।
चिट्ठी लिखी थी। निराश हूं। भाजपा नेतृत्व से बात करूंगा। दोनों दलों का पंजाब-चंडीगढ़ में गठबंधन है। सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए शिअद का अधिकार बनता है।
-डॉ. दलजीत सिंह चीमा, चंडीगढ़ शिअद प्रभारी
भाजपा को सीनियर डिप्टी या डिप्टी मेयर का पद शिअद को देना चाहिए था, लेकिन पार्टी हाईकमान का फैसला है कि वह भाजपा के अधिकृत उम्मीदवार को वोट और सपोर्ट करें। भाजपा के अधिकृत मेयर पद के उम्मीदवार देवेश मौदगिल व सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के उम्मीदवार को सपोर्ट करेंगे।
- हरदीप सिंह, पार्षद, शिरोमणि अकाली दल