चंडीगढ़। स्वच्छता रैंकिंग में देशभर में दूसरा स्थान पाने वाला चंडीगढ़ भले ही सिटी ब्यूटीफुल कहलाता हो, लेकिन 87 वर्षीय रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी इंदरजीत सिंह सिद्धू ने इस उपलब्धि के पीछे छिपी हकीकत को झाड़ू उठाकर उजागर कर दिया है। सेक्टर-49 के निवासी सिद्धू खुद हर रोज सफाई करते हैं और बिना किसी प्रचार के शहर को असल मायनों में स्वच्छ बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। मंगलवार को जब उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो देशभर से तारीफों की बाढ़ आ गई। यहां तक कि आनंद महिंद्रा जैसे दिग्गजों ने भी उनके जज्बे को सलाम किया।
इंदरजीत सिंह संधू को पिछले कई वर्षों से सेक्टर-49 के आसपास लोग सफाई करते देखते थे, लेकिन किसी को यह नहीं पता था कि वह एक आईपीएस अधिकारी भी रह चुके हैं। मंगलवार को जब वीडियो वायरल हुई तो सभी हैरान रहे और सोशल मीडिया पर तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाए। इंदरजीत सिंह संधू से जब पूछा गया कि वह इस तरह से शहर को साफ कर क्या संदेश देना चाहते हैं तो उन्होंने जवाब दिया कि वह कोई शिक्षा नहीं देना चाहते। उन्हें साफ जगह अच्छी लगती है, सिर्फ इसलिए वह सफाई करते हैं। देश में किसी भी अच्छे पार्क या मार्केट में जाओ तो हमेशा साफ सुथरे रहते हैं तो वह हम सभी को अच्छे लगते हैं तो हमारे देश में यह गंदे क्यों रहे। अभी देशभर में चंडीगढ़ दूसरे नंबर पर आया है और देश में दूसरे नंबर पर आने वाले शहर का हाल सभी देख सकते हैं। इसलिए वह कोशिश करते हैं कि शहर असल मायने में साफ हो और नंबर एक पर आए। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ बहुत पहले से साफ सफाई के लिए फेमस है। इसे प्रताप सिंह कैरों, पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और रंधावा इसे सिटी ब्यूटीफुल बनाया है।
रोजाना सुबह-शाम करते हैं सफाई, रेहड़ी से कचरा उठाते भी हैं खुद
इंदरजीत सिंह सिद्धू सुबह 6 बजे कचरा उठाते हैं। वे सेक्टर-49 में घूम-घूम कर सफाई करते हैं। 1996 में रिटायर होने के बाद उन्होंने यह काम शुरू किया। पहले लोगों ने उनका मजाक उड़ाया, पर अब मदद करते हैं। सिद्धू चंडीगढ़ को स्वच्छ बनाना चाहते हैं। 1996 में पंजाब पुलिस से डीआईजी के पद से रिटायर होने के बाद सिद्धू सेक्टर 49 में आईएएस-आईपीएस ऑफिसर्स कोआपरेटिव सोसाइटी में रहने हैं।
स्टेट अवॉर्ड देने के लिए उठी आवाज
इंदरजीत सिंह सिद्धू के निरंतर सेवा कार्य और स्वच्छता के प्रति समर्पण को देखते हुए अब उन्हें 15 अगस्त को चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में स्टेट अवार्ड देने की मांग तेज हो गई है। शहर के कई लोगों और संगठनों ने इस बारे में प्रशासन को पत्र लिखकर अपील की है कि सिद्धू जैसे कर्मयोगी को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाए।
अगर इरादा मजबूत हो तो सेवा कभी रिटायर नहीं होतीः आनंद महिंद्रा
महिंद्रा और महिंद्रा के चेयरपर्सन आनंद महिंद्रा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इंदरजीत सिंह सिद्धू की कहानी पूरे देश को प्रेरणा दे रही है। 88 साल की उम्र में, जब अधिकांश लोग आराम चाहते हैं, वह हर सुबह 6 बजे सेक्टर-49 की शांत गलियों में सफाई के लिए निकल पड़ते हैं। न उनके पास कोई बड़ा साधन है, न ही कोई सरकारी मदद। सिर्फ एक साइकिल-ठेला है और दिल में जिम्मेदारी का जज्बा। वह बिना किसी प्रचार के यह दिखा रहे हैं कि उम्र चाहे जो भी हो, अगर इरादा मजबूत हो तो सेवा कभी रिटायर नहीं होती।