चंडीगढ़। शहर के स्मॉल फ्लैट्स में असली आवंटी रह रहे हैं या नहीं, यह पता लगाने के लिए चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने पूरे शहर में सर्वे कराया था। इसमें 895 फ्लैट्स में कोई और रहता मिला था, जबकि 1268 फ्लैट्स बंद मिले थे। बोर्ड अब इन बंद घरों का फिर कुछ दिनों में सर्वे कराने जा रहा है।
बंद घरों के दोबारा सर्वे के बाद ही नवंबर के दूसरे सप्ताह से उन लोगों को अलॉटमेंट रद्द करने के लिए शोकॉज नोटिस भेजने शुरू किए जाएंगे। पिछले सर्वे के दौरान 130 फ्लैट्स में रह रहे लोगों ने जानकारी देने से इंकार कर दिया था, जिसके चलते इनके खिलाफ भी बोर्ड की तरफ से कार्रवाई की जाएगी।
सीएचबी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर यशपाल गर्ग ने बताया कि पहले सर्वे के दौरान कई फ्लैट्स लॉक मिले थे, जिसके चलते वह ऐसे घरों का दोबारा सर्वे करवाने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस सर्वे के बाद ही नियमों की अनदेखी करने वाले सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी और उन्हें अलॉटमेंट रद्द के शोकॉज नोटिस भेजे जाएंगे। बोर्ड की दूसरे सर्वे को जल्दी से पूरा करने की तैयारी है ताकि जल्द ही इस मामले में कार्रवाई की जा सकें।
बता दें कि सीएचबी ने स्मॉल फ्लैट्स और अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग स्कीम के तहत आवंटित फ्लैट्स का सर्वे करवाया है। ये फ्लैट्स सेक्टर-38वेस्ट, 49, 56, राम दरबार, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1, धनास, मौलीजागरां और मलोया में बने हुए हैं। सर्वे के दौरान सीएचबी की टीम के साथ पुलिस कर्मचारी भी मौजूद रहे। बता दें कि बोर्ड के अनुसार ऐसे सभी लोगों के मकानों की अलॉटमेंट रद्द की जा सकती है, जिन्हें आगे बेच दिया गया है। इसके अलावा पुलिस कार्रवाई भी की जा सकती है।