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बड़ी राहतः नीड बेस्ड चेंज के लिए 500 नहीं 200 रुपये प्रति स्क्वेयर फुट देना होगा चार्ज

Sat, 06 Oct 2018 10:34 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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प्रॉपर्टी, फ्लैट, हाउस - फोटो : डेमो फोटो
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चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने हजारों अलॉटियों को राहत दे दी है। जरूरत के मुताबिक किए गए एक दर्जन से ज्यादा नीड बेस्ड चेंज को रेगुलर करने की सिफारिशें पास कर दी गईं हैं। अब तक बोर्ड इसे वायलेशन मानता था। इन्हें रेगुलर करवाने के लिए अलॉटी एवं मकान मालिक को 200 रुपये प्रति स्क्वेयर फीट के हिसाब से वन टाइम शुल्क देना पड़ेगा जबकि अधिकारियों ने 500 रुपये प्रति स्क्वेयर फीट के हिसाब से कंपाउंडिंग फीस लेने का प्रस्ताव तैयार किया था। इसके अलावा मामूली (छोटे मोटे) बदलाव करने पर भी कम से कम जो 50 हजार रुपये का शुल्क लेने की सिफारिश की गई थी, उसे बोर्ड ने कम कर 20 हजार कर दिया।
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मालूम हो कि शहर में हाउसिंग बोर्ड के 62 हजार मकान हैं। इसके साथ ही एनुअल पेनल्टी का प्रोविजन भी खत्म कर दिया गया है। शुक्रवार को हुई सीएचबी की गवर्निंग बॉडी की बैठक में कंपाउंडिंग फीस कम करने को लेकर अधिकारियों और गैर सरकारी सदस्यों के बीच जमकर बहस भी हुई। अब यह कमेटी की सिफारिश पास होने के बाद गवर्नर हाउस प्रशासक की अंतिम मंजूरी के पास जाएगी। प्रशासक की मंजूरी मिलने के बाद अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। उम्मीद है कि नवंबर माह से लोग चार्ज अदा करके इन सिफारिशों के अनुसार अपनी वायलेशन को रेगुलर करवा पाएंगे।

अलॉटमेंट खारिज हो चुकी प्रापर्टी भी हो पाएगी रेगुलर
बैठक में अलॉटमेंट खारिज हो चुकी इमारतों के अलॉटियों को एक मौका देने का प्रस्ताव पास पास कर दिया गया। इसके लिए मकान एवं इमारत की मार्केट वैल्यू का दो प्रतिशत रिवाइवल चार्ज लेकर रेगुलर करने का प्रस्ताव पास कर दिया गया। यह ऐसी प्रापर्टीज हैं, जिनकी अलाटमेंट बोर्ड ने नान पेमेंट और वायलेशन के कारण खारिज कर दी हैं।
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ईडब्ल्यूएस और एलआईजी को 75 और एचआई को 50 प्रतिशत की छूट
बैठक में एलआईजी और ईडब्ल्यूएस जैसे छोटे मकानों को पिछला बरामदा (बैकयार्ड) 75 प्रतिशत करने की सिफारिश को पास कर दिया गया जबकि ईडब्ल्यूएस, वन रूम, टेनामेंट और एलआईजी कैटेगरी के मकानों को 75 प्रतिशत कवर्ड एरिया या 150 स्क्वेयर फुट से कम हो, उस पर मंजूरी दी गई है। इसके लिए अलॉटियों को आर्किटेक्ट के पैनल से स्वयं प्रमाणित सर्टिफिकेट देना पड़ेगा। साथ ही पूरी बालकनी कवर करने के लिए चीफ फायर ऑफिसर से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट सीएचबी को देना होगा।

इसके बाद सीएचबी की ओर से राहत प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा। मीटिंग में सीएचबी के कार्यवाहक चेयरमैन अजोय सिंह, सीईओ, चीफ आर्किटेक्ट, चीफ इंजीनियर, प्रेम कौशिक, तरसेम गर्ग, सुबीन बंसल समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। बता दें कि हाउसिंग बोर्ड के अलॉटियों में 85 प्रतिशत लोगों ने अपने मकानों में जरूरत के अनुसार बदलाव किए हुए हैं। बैठक में सीएचबी आफिस परिसर में 7 मंजिल ग्रीन इमारत बनाने का भी टेंडर अलॉट करने का फैसला लिया गया।

टैरेस पर 150 स्क्वेयर फीट तक निर्माण को हरी झंडी
टैरेस पर 150 स्क्वेयर फीट तक अतिरिक्त निर्माण को बैठक में हरी झंडी मिल गई। इसी तरह की मंजूरी पिछले कोटयार्ड में भी दी गई है।

इन अहम सिफारिशों को किया गया है पास
1. कुछ ऐसे इंटरनल बदलाव को भी अप्रूवल मिला है, जिनमें ग्रिल लगवाना, फ्रंट कोर्टयार्ड में ग्रिल लगवाना, स्लाइडिंग ग्रिल्स, मेन गेट की चौड़ाई जैसे बदलाव शामिल हैं लेकिन इसके लिए पड़ोसी की प्राइवेसी में कोई खलल नहीं पड़ना चाहिए।
2. फ्लोर लेवर से खिड़की का साइज 4 इंच तक बढ़ाया जा सकता है।
3. छत पर टैंक, सोलर वाटर हिटिंग सिस्टम और डिश लगाने के लिए स्लैब बनाने की मंजूरी।
4. घर के प्रमुख गेट का साइज 3660 एमएम और ऊंचाई 1820 एमएम की जा सकती है।
5. कुछ शर्तों के साथ फ्लैट  में एक अतिरिक्त दरवाजे का निर्माण किया जा सकता है।
6. लिफ्ट का निर्माण करने के लिए प्लान अप्रूवेंल कमेटी से डिजाइन पास करवा कर लगाई जा सकती है।
7. प्लॉट एरिया में अंदर की तरफ से ग्रिल और गेट बाउंड्री के साथ में लगाना।
8. बालकनी का निर्माण करके उसमें ग्रिल लगाने को लेकर परमिशन दी गई है।
9. साइड बाउंड्री से गेट को फ्रंट बाउंड्री वॉल में शिफ्ट करने की मंजूरी।
10. बालकनी और बरामदों में ग्लेजिंग की परमिशन।

कमेटी ने राहत देने कीजो-जो  सिफारिश की थी, वह सभी पास कर दी गई हैं। वन टाइम कंपाउंडिंग फीस का चार्ज भी 200 रुपये स्क्वेयर फुट कर दिया गया है। प्रशासक की मंजूरी मिलने के बाद अधिसूचना जारी हो जाएगी। इससे हजारों लोगों को राहत मिलेगी। अधिकारियों को यह भी सुझाव दिया गया है कि अधिसूचना जारी होने के बाद एक टेक्निकल कमेटी बनाई जाए जो कि भविष्य में होने वाले अवैध निर्माण पर नजर रखे ताकि नोटिस देने की नौबत ही न आए।
- प्रेम कौशिक, सदस्य, सीएचबी बोर्ड

अधिकारियों का काम होता है नियमों की सुरक्षा करना लेकिन जो आज अधिकारियों ने नियमों को खींचकर लोगों को राहत दी है, असल में वह पूरी राहत नहीं है। पूरी राहत के लिए नियमों को खींचने की बजाय बदलना होगा और इसके लिए फेडरेशन अगले माह एक लाख लोगों को इकट्ठा करने का प्रयास करेगी। इसमें सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को उनके वादे के अनुसार बुलाया जाएगा ताकि नियमों को बदला जा सके और लोगों को पूरी राहत मिल सके।
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- निर्मल दत्त, चेयरमैन, सीएचबी रेजिडेंट्स फेडरेशन 
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