21 जुलाई 2025 को स्वास्थ्य सचिव अजय चगती ने शिकायत को एडिशन सेक्रेटरी हेल्थ के साथ ही डायरेक्टर हेल्थ को मेल किया था। इसमें शिकायतकर्ता के पत्र की कॉपी भी लगाई गई थी। जिसमें डॉक्टर सुमन सिंह पर आरोप था कि उन्होंने मानकों की अनदेखी करके नियुक्तियां कीं हैं। ऐसी स्थिति में जिस अधिकारी पर आरोप लगाया है उसे ही शिकायत फॉरवर्ड कर संज्ञान लेने को कहा है।
चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था भी कमाल की है। यहां आलाधिकारी गड़बड़ियां करने वालों को ही जांच की जिम्मेदारी सौंप रहे हैं। इसका उदाहरण पिछले दिनों पंजाब के गवर्नर व चंडीगढ़ के प्रशासन गुलाबचंद कटारिया के पास आई शिकायत के मामले में सामने आया है।
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शिकायतकर्ता ने जीएमएसएच 16 में आउटसोर्सिंग पॉलिसी को दरकिनार कर भाई भतीजावाद के आधार पर भर्तियां करने की शिकायत की थी। मामले में गवर्नर की ओर से जांच का आदेश दिए जाने पर स्वास्थ्य सचिव अजय चगती ने जिन पर मानकों की अनदेखी कर भर्ती करने का आरोप लगाया उसे ही शिकायत फॉरवर्ड कर दी गई।
चौंकाने वाली बात है कि इस संबंध में पूछने पर स्वास्थ्य सचिव ने साफ पल्ला झाड़ लिया। उनका कहना है कि मामले की जांच पूर्व चिकित्सा अधीक्षक ने पूरी कर रिपोर्ट भी सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार इस संदर्भ में अब तक शिकायतकर्ता को कोई सूचना नहीं दी गई है। 21 जुलाई 2025 को स्वास्थ्य सचिव अजय चगती ने शिकायत को एडिशन सेक्रेटरी हेल्थ के साथ ही डायरेक्टर हेल्थ को मेल किया था। इसमें शिकायतकर्ता के पत्र की कॉपी भी लगाई गई थी। जिसमें डॉक्टर सुमन सिंह पर आरोप था कि उन्होंने मानकों की अनदेखी करके नियुक्तियां कीं हैं। ऐसी स्थिति में जिस अधिकारी पर आरोप लगाया है उसे ही शिकायत फॉरवर्ड कर संज्ञान लेने को कहा है।
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सूत्रों का कहना है कि जिस पर गड़बड़ियां करने का आरोप है उसे ही मामले की जानकारी देकर आगाह किया जा रहा है जबकि उनके खिलाफ जांच होनी चाहिए थी। शिकायत में कहा है कि नियुक्तियां अनुचित पक्षपात का स्पष्ट संकेत देती हैं क्योंकि मौजूदा कर्मचारियों के रिश्तेदारों को आवश्यक पात्रता मानदंड पूरे किए बिना ही आउटसोर्स पदों पर नियुक्त किया जा रहा है।
शिकायत में बताया गया है कि करीब 110-112 डीईओ वर्तमान में जीएमएसएच-16 और संबद्ध स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत हैं। फिर भी एनआईसी या एसपीआईसी जैसी अधिकृत एजेंसियों द्वारा कोई मानकीकृत टाइपिंग टेस्ट नहीं किया है। कथित अधिकांश नियुक्तियों द्वारा 35-40 शब्द प्रति मिनट मानक की टाइपिंग गति की आवश्यकता पूरी नहीं की है।