चंडीगढ़ में कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत धीरे-धीरे गड़बड़ियां भी सामने आने लगी हैं। ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य विभाग लाभार्थियों को पंजीकरण कराने के बाद तत्काल टीकाकरण कराने की सलाह दे रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पंजीकरण की तिथि व तय समय पर अवश्य टीका लगवाए अन्यथा आप की जगह कोई और टीका लगवा जाएगा। ट्राइसिटी से ऐसे मामले आने लगे हैं, जिसमें किसी के नाम पर कोई और टीका लगवाकर चला गया है।
स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग का कहना है कि फिलहाल चंडीगढ़ में ऐसी कोई शिकायत अब तक सामने नहीं आई है, लेकिन अपने स्तर पर सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि एक बार पोर्टल पर टीका लगने की जानकारी अपलोड हो जाने के बाद लाभार्थी को दोबारा मौका नहीं मिलेगा। इस संबंध में केंद्र सरकार ही निर्णय ले सकती है।
डॉ. कंग का कहना है कि लाभार्थियों को कोशिश करनी चाहिए कि अगर बेहद गंभीर मामला न हो तो वे तय तिथि व समय पर जाकर टीका अवश्य लगवा लें, क्योंकि ट्राइसिटी से जो शिकायतें सामने आई हैं, उसमें लाभार्थी तय तिथि पर केंद्र पर नहीं पहुंचे थे। इससे साफ पता चलता है कि दिन और समय बहुत महत्वपूर्ण है।
डॉ. कंग ने बताया कि इससे लाभार्थी के साथ ही उसकी जगह पर टीका लगवाने वाले दूसरे व्यक्ति को भी नुकसान होगा, क्योंकि उसे भी टीका लगने का सर्टिफिकेट प्राप्त नहीं हो पाएगा। ऐसी स्थिति में एक गलती की दो लोगों को सजा भुगतनी पड़ेगी। ऐसे में जरूरी है कि वे अपने सुविधा के अनुसार टीकाकरण की तिथि व समय तय करें।
मोहाली से दो मामले आए सामने
टीकाकरण अभियान में बिना टीका लगवाए प्रमाण पत्र जारी किए जाने के दो मामले मोहाली से सामने आए हैं। इसमें से एक मामला फेज- 2 निवासी अनिल अग्रवाल का और दूसरा मामला नयागांव निवासी आईटी प्रोफेशनल राजन का है। इन दोनों लाभार्थियों ने टीकाकरण के लिए कोविड-19 पोर्टल पर पंजीकरण कराया था, लेकिन किसी कारणवश वे तय तिथि पर टीका लगवाने नहीं जा पाए। उन्हें बिना टीका लगवाए ही लाभार्थियों की सूची में शामिल होने का खामियाजा भुगतना पड़ा है। मोहाली स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।