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चंडीगढ़ फर्नीचर मार्केट: आंखों के सामने टूटी दुकानें, महिला दुकानदारों के छलक पड़े आंसू, 1000 पुलिस जवान तैनात

Sun, 20 Jul 2025 01:35 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ की सबसे बड़ी फर्नीचर मार्केट को रविवार को तोड़ दिया गया। चंडीगढ़ प्रशासन की तरफ से फर्नीचर मार्केट की 116 दुकानों को तोड़ने के लिए पहले ही नोटिस जारी कर दिया गया था। रविवार सुबह होते ही दुकानों पर बुलडोजर चला दिया गया।
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फर्नीचर मार्केट की दुकानों को ढहाया। - फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ के सेक्टर-53 स्थित फर्नीचर मार्केट में बनी दुकानों को रविवार को ढहा दिया गया। चंडीगढ़ प्रशासन की तरफ से रविवार सुबह सात बजे से ही दुकानों पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। 4000 करोड़ रुपये की जमीन खाली कराने की इस कार्रवाई से पहले कारोबारियों ने अपना सामान हटा दिया था।

सेक्टर-53/54 स्थित फर्नीचर मार्केट शहर की सबसे पुरानी मार्केट है। यह फर्नीचर मार्केट लगभग तीन दशक पुरानी है। यहां पर 116 दुकानें थी, जिनपर आज प्रशासन का बुलडोजर चला। मौके पर दुकानदार भी मौजूद रहे और उनकी आंखों के सामने उनकी दुकानों को ढहा दिया गया। अपनी दुकान को टूटे देख महिला गुड़िया और उनके परिवार के सदस्य रो पड़े। उन्होंने बताया कि उनकी यह दुकान वर्ष 1986 से उनके पास थी। हालांकि यहां जितनी भी दुकानें थी वे टीन शेड में बनीं थी। 
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फर्नीचर मार्केट । - फोटो : अमर उजाला
1000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
डीसी निशांत यादव ने बताया कि रविवार सुबह 7 बजे से यह अभियान शुरू हुआ है। इसके लिए मौके पर 1000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किया गया है। इसके अलावा अग्निशमन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी मौजूद रहीं। प्रशासन की ओर से मार्केट में अब तक दो बार मुनादी कराई जा चुकी है। इंजीनियरिंग विभाग इस अभियान के तकनीकी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभाली, जबकि नगर निगम अतिक्रमण हटाने के बाद कचरा और मलबा साफ कर रहा है।
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टीन शेड में बनी दुकानों को ढहाया गया। - फोटो : अमर उजाला
पिछले 10-12 दिन से लगातार करवाई गई मुनादी
चंडीगढ़ की एसडीएम (ईस्ट) खुशप्रीत कौर ने कहा कि हम समय-समय पर फर्नीचर मार्केट के दुकानदारों को अल्टीमेटम दे रहे थे। पिछले साल मार्केट को खाली करवाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके बाद उन्होंने कुछ प्रतिनिधित्व (प्रतिवेदन) दिए थे और जब तक उन पर निर्णय नहीं हो गया, हमने सभी कार्रवाई स्थगित कर दी थी। प्रतिनिधित्व पर निर्णय के बाद हमने उन्हें समय-समय पर सूचित किया कि मार्केट को खाली करना होगा। पिछले 10-12 दिनों से लगातार मुनादी करवाई गई थी। इसलिए दुकानदारों को पूरी तरह से जानकारी दी गई थी।

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दुकानों को तोड़ती जेसीबी मशीनें। - फोटो : अमर उजाला
मोहाली जाने वाला रास्ता बंद
अभियान के दौरान सेक्टर 53-54 से होते हुए मोहाली जाने वाली सड़क भी बंद रही। बैरिकेडिंग सुबह 7 बजे से पहले ही लगा दी गई है। अधिकारियों का अनुमान है कि इस पूरे अभियान में 7 से 10 घंटे से ज्यादा का समय लग सकता है।
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फर्नीचर मार्केट में खरीदारों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
कारोबारियों की अंतिम कोशिशें विफल
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को रोकने के लिए फर्नीचर मार्केट के कारोबारी पूरे दिन नेताओं और अधिकारियों को फोन लगाते रहे। उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता संजय टंडन और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जेपी मल्होत्रा से भी मुलाकात की लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं मिल सका। सूत्रों का कहना है कि राज्यपाल के शहर से बाहर होने के कारण भाजपा नेता भी इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। कारोबारियों का कहना है कि उनके पास सामान हटाने के लिए कम से कम एक सप्ताह का समय चाहिए क्योंकि यहां 116 दुकानों को तोड़ा जाना है जिससे करीब 4000 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति खाली कराई जाएगी।
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दुकानों का मलबा। - फोटो : अमर उजाला
प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप
कारोबारियों ने प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि 30 जनवरी को प्रशासन के साथ हुई बैठक में उन्हें सेक्टर 56 में बन रही नई मार्केट में डीसी रेट पर जगह देने का मौखिक वादा किया गया था। तब उनसे कहा गया था कि इस संबंध में जल्द ही व्यापारियों को बुलाया जाएगा। हालांकि, छह महीने बीत जाने के बाद भी कोई बुलावा नहीं आया और अब अचानक बाजार खाली करने के लिए मुनादी कराई जा रही है।
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