धनास लेक पर लगाया गया सोलर पैनल।
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चंडीगढ़ में सुखना लेक के बाद धनास लेक को भी पर्यटकों के लिए तैयार किया जा रहा है। वन विभाग ने लेक के पानी में उत्तर भारत का सबसे बड़ा तैरता हुआ सोलर प्लांट स्थापित किया है। वहीं, यहां लगने वाले तीन फव्वारे लेक की सुंदरता में चार चांद लगाएंगे। काम लगभग पूरा हो गया है। नए साल पर लोगों को वन विभाग एक नए पर्यटन स्थल तोहफा देगा। दावा है कि शाम को एक घंटे के लिए यह लेक किसी विदेशी पर्यटन स्थल से कम नहीं नजर आएगा।
सौर ऊर्जा का बेहतर उपयोग करने के उद्देश्य से वन विभाग जमीन और छतों के साथ-साथ पानी पर भी सोलर प्लांट लगाकर योजना का लाभ लेना चाहता है। धनास की लेक वन विभाग के पास है लेकिन देखरेख न होने से यहां लोग आते ही नहीं थे। अब वन विभाग ने इसे राजस्व के साथ पर्यटन से जोड़ने की योजना बनाई है। लेक पर 500 किलोवाट का फ्लोटिंग सोलर पैनल लगाया गया है। दावा है कि उत्तर भारत में इससे बड़ा तैरता हुआ सोलर पैनल कहीं नहीं है।
वन विभाग हो जाएगा बिजली के खर्चे से मुक्त
इस योजना से वन विभाग ग्रीन एनर्जी बनाएगा। इससे इतनी बिजली पैदा होगी कि विभाग के सभी कार्यालयों में उपयोग होने वाली बिजली खर्चों को वहन कर सकेगी। इससे विभाग का बिजली का खर्चा भी शून्य हो जाएगा। ज्ञात हो कि शहर के सभी सरकारी स्कूलों की छतों पर सोलर पैनल लगाए गए हैं। वहां भी बिजली का बिल शून्य है। प्रशासन की योजना है कि सभी सरकारी दफ्तरों का बिजली का खर्चा सोलर एनर्जी से पूरा हो जाए।
नहीं मरेंगी मछलियां, फव्वारे बढ़ाएंगे पानी में ऑक्सीजन
इस लेक में तीन फव्वारे लगाए जा रहे हैं। इनसे लेक के पानी में ऑक्सीजन की मात्रा बरकरार रहेगी जिससे मछलियां नहीं मरेंगी। हर साल धनास लेक में मछलियों के मरने की घटना होती है। इससे आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध भी फैलती है। लोगों में डर भी बना रहता है। हालांकि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बारिश में पानी में ऑक्सीजन की कमी के कारण मछलियां मरती हैं।
सेक्टर-39 में चार गुना बड़ा फ्लोटिंग सोलर पैनल लगेगा
सेक्टर-39 के वाटर वर्क्स में भी चंडीगढ़ रिन्युअल एनर्जी साइंस एंड टेक्नॉलोजी प्रमोशन सोसाइटी की ओर से शहर में सौर ऊर्जा को लेकर लगातार काम किया जा रहा है। सेक्टर-39 के वाटर वर्क्स में इससे चार गुना बड़ा दो मेगावाट का सोलर प्लांट लगाया जाना है। इसकी सहमति नगर निगम न ेदे दी है और काम भी तेजी से शुरू हो गया है।
सुखना के साथ अब धनास लेक से भी पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यहां लोगों को आकर्षण के लिए कई सारे काम किया जा रहे हैं। हम जनवरी में लेक पर लोगों के लिए सभी व्यवस्थाएं शुरू कर देंगे।
- देवेंद्र दलाई, मुख्य वन संरक्षक