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Chandigarh News: चंडीगढ़ में कानून व्यवस्था पर संकट, हर साल बढ़ रहे अपराध

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चंडीगढ़। चंडीगढ़ में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) की क्राइम इन इंडिया 2024 रिपोर्ट ने शहर की कानून व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार केंद्र शासित प्रदेशों में चंडीगढ़ दूसरा सबसे ज्यादा अपराध दर वाला क्षेत्र बन गया है।
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एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक चंडीगढ़ में अपराध दर 290.4 मामले प्रति लाख आबादी दर्ज की गई जो राष्ट्रीय औसत 237.4 से काफी अधिक है। इस सूची में केवल दिल्ली चंडीगढ़ से आगे है जहां अपराध दर 1285.5 प्रति लाख आबादी रही। रिपोर्ट में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध सबसे ज्यादा चिंताजनक बताए गए हैं। वर्ष 2024 में शहर में दुष्कर्म के 96 मामले दर्ज हुए। प्रति लाख आबादी के हिसाब से चंडीगढ़ में दुष्कर्म दर 16.6 रही जो दिल्ली के 10.3 दुष्कर्म दर से भी अधिक है। राज्यों में गोवा की दुष्कर्म दर 13.3 और राजस्थान की 12.2 दर्ज की गई। इसके अलावा दुष्कर्म के प्रयास के दो और यौन उत्पीड़न के 12 मामले भी दर्ज किए गए।
महिलाओं के खिलाफ अपराधों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2022 में ऐसे 325 मामले सामने आए थे, जो 2023 में बढ़कर 371 और 2024 में 452 तक पहुंच गए। हत्या के मामलों में भी इजाफा हुआ है। वर्ष 2022 में 18 हत्या के मामले दर्ज हुए थे, 2023 में यह संख्या 17 रही जबकि 2024 में बढ़कर 22 हो गई। हालांकि बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में कुछ कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2022 में 224 मामले दर्ज हुए थे, जो 2023 में बढ़कर 294 तक पहुंच गए थे लेकिन 2024 में यह संख्या घटकर 255 रह गई।
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2024 में दर्ज हुए 3621 केस
रिपोर्ट के अनुसार चंडीगढ़ में आईपीसी और बीएनएस के तहत वर्ष 2022 में कुल 2941 मामले दर्ज हुए थे। 2023 में यह संख्या बढ़कर 3285 और 2024 में 3621 तक पहुंच गई। वर्ष 2024 में चोरी के 1600, धोखाधड़ी के 522, अपहरण के 176, दुष्कर्म के 96 और हत्या के 22 मामले दर्ज किए गए।
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