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चंडीगढ़: बच्चों को नहीं मिल पा रही स्मार्ट एजुकेशन, 123 स्कूलों में से सिर्फ नौ में डिजिटल लाइब्रेरी

Wed, 11 Jan 2023 07:21 PM IST
भूपेंद्र सिंह प्रियंका ठाकुर, अमर उजाला ब्यूरो, चंड़ीगढ़

सार

चंडीगढ़ में 123 सरकारी स्कूलों में से सिर्फ नौ में डिजिटल लाइब्रेरी है। इस मामले में चंडीगढ़ पंजाब और दिल्ली से पिछड़ा है। पंजाब के 1224 और दिल्ली के 126 स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी उपलब्ध है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी होने के बावजूद कुल 123 सरकारी स्कूलों में से केवल नौ स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाई गई हैं। चंडीगढ़ स्मार्ट एजुकेशन उपलब्ध करवाने में पड़ोसी राज्यों दिल्ली और पंजाब से पीछे है।

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शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी की गई रिपोर्ट यूनिफाईड डिस्ट्रिक्ट इनफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस के वर्ष 2021-22 के आंकड़ों के मुताबिक केवल 7.3 प्रतिशत सरकरी स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा है। वहीं, पंजाब के कुल 19259 में से 1224 सरकारी स्कूलों और दिल्ली के कुल 2762 सरकारी स्कूलों में से 126 स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी बनी है। संवाद

गवर्नमेंट एडेड स्कूलों में कोई डिजिटल लाइब्रेरी नहीं
चंडीगढ़ की बात करें तो डिजिटल लाइब्रेरी बने स्कूलों की संख्या दो अंकों में भी नहीं है और गवर्नमेंट एडिड के एक भी स्कूल में डिजिटल लाइब्रेरी नहीं बनाई गई है। वहीं, पंजाब के सात गवर्नमेंट एडिड स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी बनवाई गई है।
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स्कूलों में लाइब्रेरियन की 38 पोस्ट खाली, केवल पांच लाइब्रेरियन
चंडीगढ़ के कई सरकारी स्कूलों में लाइब्रेरियन ही नहीं हैं और कुछ लाइब्रेरियन की दो स्कूलों में ड्यूटी लगाई गई है। शहर में लाइब्रेरियन की कुल 43 पोस्ट में से 38 पोस्ट खाली हैं और शहर में केवल पांच लाइब्रेरियन नियमित रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल लाइब्रेरी होने के लिए आवश्यक है कि स्कूल में लाइब्रेरियन हो जो उसे सुगमता से चला सके लेकिन स्थिति यह है कि स्कूलों में न तो डिजिटल लाइब्रेरी बनाने की पहल हुई है और न ही लाइब्रेरियन की भर्ती करने की। नौ में से सात डिजिटल लाइब्रेरी सीसीपीसीआर की ओर से बनाई गई है जिसमें शिक्षा विभाग की कोई भूमिका नहीं है।  

जीजीएमएसएसएस-18 में डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा
सेक्टर-18 स्थित गवर्नमेंट गर्ल्स मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बच्चे डिजिटल लाइब्रेरी का प्रयोग कर रहे हैं। इससे बच्चों को सिलेबस संबंधी सारी अपडेटेड जानकारी उपलब्ध हो रही है। सिलेबस की किताबों में संशोधन होते रहते हैं और हर बार छात्रों को नए संस्करण की किताबें नहीं मिल पातीं। ऐसे में ई-लाइब्रेरी से बच्चों को नवीनतम जानकारी मिल रही है। स्कूल की डिजिटल लाइब्रेरी में करीब 700 किताबें है जिसमें सिलेबस के साथ अन्य उपन्यास व आत्मकथाएं भी हैं। किताबों के साथ वह एजुकेशनल वीडियो भी देख सकते हैं। लाइब्रेरी में प्रोजेक्टर भी लगा है जहां बच्चों को पढ़ाई से जुड़ी विडियो और प्रेजेनटेशन दिखाई जाती हैं।

हानिकारक वेबसाइट से बचाव
डिजिटल लाइब्रेरी के तहत प्रयोग में लाए जा रहे कंप्यूटर पर हानिकारक वेबसाइट को ब्लॉक किया गया है। इससे बच्चों को नेट पर पढ़ाई संबंधी सही जानकारी मिलने में मदद हो रही है।

 

डिजिटल लाइब्रेरी बनाने की मुहिम की शुरू, अब शिक्षा विभाग दे काम को अंजाम

डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के तहत सीसीपीसीआर ने चंडीगढ़ के बाहरी इलाकों के स्कूलों में सात डिजिटल लाइब्रेरी बनाई हैं जो कोरोना के समय बहुत उपयोगी रहीं। डिजिटल लाइब्रेरी बनाकर हमने चंडीगढ़ को शिक्षा के क्षेत्र में स्मार्ट सिटी की दिशा में ले जाने की कोशिश की है। काम की शुरुआत हमने की लेकिन इसे पूरा शिक्षा विभाग की ओर से किया जा सकता है। - हरजिंदर कौर, अध्यक्ष, चंडीगढ़ कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स

 

स्कूलों में लाइब्रेरी नाम की, बच्चों को नहीं मिल पा रहा लाभ
स्कूलों में लाइब्रेरी कहने मात्र के लिए रह गई है। बच्चों को डिजिटल लाइब्रेरी तो दूर साधारण लाइब्रेरी का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। डिजिटल लाइब्रेरी के लिए कम से कम एक लाइब्रेरियन का होना अनिवार्य है जो लाइब्रेरी को सुचारु रूप से चला सके लेकिन चंडीगढ़ के स्कूलों में 2009 से लाइब्रेरी की नई पोस्ट नहीं निकली है। लाइब्रेरियन नहीं होने से बच्चों को लाइब्रेरी की सुविधा नहीं मिल पा रही है। - रंजीत मिश्रा, अध्यक्ष, यूटी चंडीगढ़ सर्बोडिनेट सर्विसेज फेडरेशन

 

स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाने की योजना तय, जल्द होगा काम शुरू
हम सभी स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाने की योजना बना रहे हैं। जल्द ही स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जाएंगी और विभाग द्वारा लाइब्रेरियन की भर्तियां भी जल्द निकाली जाएंगी। - हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़, स्कूल शिक्षा निदेशक

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