देशभर में बढ़ रहे कोरोना के मामलों के बाद चिंता बढ़ने लगी है। इसको लेकर पीजीआई के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की प्रोफेसर एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉक्टर पीवी लक्ष्मी ने सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि कोरोना के इस वेरिएंट से डरने की जरूरत नहीं है।
यह सामान्य है। अभी तीन-चार सप्ताह से पीजीआई में कोरोना का कोई भी पॉजीटिव केस नहीं आया है। उन्होंने कहा कि 2025 के जनवरी से लेकर अब तक केवल 10 से 12 केस ही रिपोर्ट हुए हैं।
2024 में 100 से 150 के बीच में कोरोना पॉजिटिव केस रिपोर्ट हुए थे, हालांकि किसी भी प्रकार से मौत नहीं हुई है। यह सब मरीज आसानी से रिकवर हो गए। डॉ. पीवी लक्ष्मी ने कहा कि सोशल मीडिया की खबरों पर विश्वास न करें।
भारत सरकार के लेटर से मिलने वाली जानकारी पर ही भरोसा रखें, वहीं से खबरों की पुष्टि होगी। उन्होंने कहा कि केस बढ़ने की स्थिति में पीजीआई की पूरी तैयारी है। यदि मरीजों को एडमिट करने की जरूरत पड़ती है तो उसके लिए वार्ड भी तैयार हैं।
पीजीआई को कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले
उन्होंने कहा कि एडमिट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि लोग पहले से जागरूक हैं और केंद्र सरकार की ओर से भी अभी तक पीजीआई को कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए हैं।
सावधानी बरतें... खान पान का ध्यान रखें
पीवी लक्ष्मी ने कहा कि डरने की कोई बात नहीं है। 90% केसों में खांसी जुकाम होता है। इसीलिए सरकार की ओर से जारी की गई गाइडलाइंस का पालन करें। केवल सावधानी बरतें। खांसी जुकाम होने पर मुंह को ढक कर रखें। बच्चों और बुजुर्गों के पास मुंह ढक कर जाएं।
हाथों को धोते रहें। स्वच्छ और साफ खाना खाएं, समय पर खाएं और नियमित मात्रा में खाएं। उन्होंने बताया कि जून जुलाई और अगस्त महीने में पिछले साल कोरोना के ज्यादा कैसे रिपोर्ट हुए थे।
यह महीने बुखार, खांसी, जुकाम का सीजन होते हैं। इसीलिए अपने खान-पान का ध्यान रखते हुए इम्यूनिटी को बढ़ाते रहें। अस्थमा समेत अन्य बीमारियों के मरीज खास ख्याल रखें। खांसी जुकाम वाले मरीजों से थोड़ा दूरी बनाकर रखें।