फरीदकोट के बेअदबी मामले में चंडीगढ़ जिला अदालत ने डेरा प्रमुख राम रहीम की अर्जी को खारिज कर दिया है। राम रहीम ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट समेत कुछ अन्य दस्तावेजों की मांग को लेकर अर्जी लगाई थी। उल्लेखनीय है कि यह मामला पहले फरीदकोट अदालत में चल रहा था। 2015 के बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित घटनाओं में चार्जशीट डेरा सच्चा सौदा सिरसा के अनुयायियों ने अपनी जान को खतरा होने का अंदेशा जताकर उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर कर इन केसों की सुनवाई पंजाब से बाहर करने का आग्रह किया था।
28 फरवरी 2023 को उच्चतम न्यायालय की जस्टिस अनुराधा बोस और जस्टिस सुधांशु धुलिया पर आधारित बैंच ने सुनवाई के बाद याचिका को मंजूर कर लिया और डेरा अनुयायियों के कुल चार मामले पंजाब से चंडीगढ़ ट्रांसफर कर दिए थे। इनमें तीन मामले बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित हैं, जबकि एक केस मोगा में साल 2010 के दौरान आगजनी व तोड़फोड़ से जुड़ा है।
बरगाड़ी बेअदबी के तीनों केसों में राम रहीम भी चार्जशीट
बरगाड़ी बेअदबी मामले से जुड़े तीन केस हैं और तीनों ही केसों में पंजाब पुलिस की एसआईटी की तरफ से फरीदकोट की अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इनमें से पहला मामला गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारा साहिब से पावन स्वरूप चोरी करने (एफआईआर नंबर 63), दूसरा मामला इसी गुरुद्वारा साहिब के बाहर भद्दी शब्दावली का पोस्टर लगाने (एफआईआर नंबर 117) और तीसरा मामला बरगाड़ी के गुरुद्वारा साहिब के समक्ष पावन स्वरूप की बेअदबी (एफआईआर नंबर 128) का है और यह तीनों केस थाना बाजाखाना में दर्ज हैं। तीनों मामलों में फरीदकोट जिले से संबंधित डेरा अनुयायियों के अलावा डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम भी चार्जशीट है जबकि डेरे की राष्ट्रीय कमेटी के तीन सदस्यों को अदालत ने भगोड़ा घोषित किया है।