सीवर सेस 30 प्रतिशत रखा जाए तब
- निगम का राजस्व - 135.85 करोड़
- घाटा लगभग - 21 करोड़
केवल 31 से 60 केएल वाली श्रेणी में बदलाव करने पर स्थिति
- शून्य से 15 किलोलीटर- 3 रुपये
- 16 से 30 किलोलीटर - 6 रुपये
- 31 से 60 किलोलीटर - 09 रुपये
- 60 से ऊपर किलोलीटर - 24 रुपये
- सीवर सेस - 30 प्रतिशत
- निगम का राजस्व - 145 करोड़
- घाटा - 11 करोड़
दोपहर की आपूर्ति बंद करने पर 13 करोड़ बचेंगे
आयुक्त का कहना है कि पहले प्रस्ताव की तरह केवल 31 से 60 किलोलीटर वाली श्रेणी को 9 रुपये किया जाता है तो निगम को 11 करोड़ का घाटा होगा। इस घाटे को दिन की आपूर्ति बंद करके पूरा कर सकते हैं क्योंकि लोगों को इसकी ज्यादा जरूरत नहीं है। वहीं इस व्यवस्था पर 13 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च होते हैं।
सदन की प्रस्ताव के बाद निगम ने पानी की आपूर्ति की गणना कर ली गई है। अधिकारियों को एक बार सभी तथ्य जांचने को कहा है। एक सप्ताह के अवकाश के बाद लौटने पर निगम का प्रस्ताव प्रशासन को भेज देंगे। हमारे अनुसार इसमें निगम को बहुत ज्यादा घाटा होगा। -केके यादव, निगम आयुक्त