फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमसी चुनाव: 15 नवंबर को लगेगी आचार संहिता, टिकट के लिए खींचतान शुरू

Sat, 15 Oct 2016 02:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
नगर निगम, चंडीगढ़ - फोटो : File Photo
विज्ञापन
आगामी 15 नवंबर से शहर में नगर निगम चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी। सिके बाद चुनाव पूरा होने तक कोई भी विकास कार्य की घोषणा नहीं की जा सकेगी। नगर निगम के लिए 18 दिसंबर को मतदान होने की संभावना है। 
विज्ञापन


चुनाव आयुक्त राकेश मेहता ने कहा कि अधिसूचना 15 नवंबर को जारी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि दिसंबर माह के तीसरे सप्ताह में चुनाव करवाएंगे जाएंगे। चुनाव आयुक्त ने राजनीतिक दलों के साथ बैठक में यह भी स्पष्ट कर दिया है कि सावर्जनिक और सरकारी प्रापर्टी में बैनर और झंडे लगाने की मंजूरी नहीं है। उम्मीदवार अपने घर और कार्यालय पर ही झंडे और बैनर लगा सकते हैं। बैठक में मेयर अरुण सूद ने बैनर लगाने की मंजूरी के लिए चुनाव आयुक्त से सिंगल विंडो सिस्टम शुरू करने की अपील की।

चुनाव आयोग ने महंगाई को देखते हुए चुनावी खर्च राशि की सीमा बढ़ा दी है। चुनाव आयोग ने 1.75 लाख रुपये से बढ़ाकर 3.25 लाख रुपये कर दी है। चुनाव आयुक्त ने कहा कि राजनीतिक दलों की खर्च करने वाली राशि की कोई सीमा नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कांग्रेस-भाजपा में 20 नवंबर के बाद होगा टिकट वितरण

pradeep chabra and sanjay tandon - फोटो : file photo
नगर निगम चुनाव में पार्षद पद का टिकट लेने के लिए भी नेताओं को काफी पापड़ बेलने पड़ेंगे। शहर के रिजर्व वार्डों की घोषणा होने के साथ ही कांग्रेस-भाजपा के दिग्गज नेताओं ने अपने चहेतों को टिकट दिलवाने के लिए जोड़तोड़ प्रारंभ कर दी है। हालांकि निगम चुनाव में टिकट के लिए अपने बड़े नेताओं को खुश करने के लिए अभी दावेदारों के पास पर्याप्त समय है। 

जानकारी के अनुसार कांग्रेस और भाजपा 20 नवंबर के बाद टिकट वितरण का काम प्रारंभ करेगी। निगम की 26 सीटों के लिए मुख्य मुकाबला इन दोनों राजनीतिक दलों के बीच ही होगा। रिजर्व वार्डों के ड्रा के बाद दावेदारों ने अपने-अपने कार्यकर्ताओं से संपर्क करना भी शुरू कर दिया है। अब राजनीतिक दलों के कार्यक्रम और बैठकों की शुरुआत होगी इसमें अपने क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा कार्यक्रम कराकर ज्यादा भीड़  इकट्ठी करेगा उसे ही टिकट देने में पार्टियां प्राथमिकता देगी।

कांग्रेस और भाजपा इस समय दोनों ही गुटबाजी का शिकार है। ड्रा के बाद अब गुटबाजी ज्यादा हावी हो गई है। कांग्रेस में इस समय पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी का गुट है। जबकि, भाजपा में सांसद किरण खेर, टंडन, जैन और धवन का गुट है। सभी गुट अपने-अपने करीबियों को टिकट दिलवाने के लिए सक्रिय हो गए हैं। इसके साथ ही भाजपा और अकाली दल के बीच टकराव बढ़ेगा, क्योंकि अकाली दल 10 सीटों की मांग कर रहा है। लेकिन, भाजपा सिर्फ तीन ही देने के लिए तैयार हो रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें