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जज्बाः लोगों ने ली चंडीगढ़ को कार फ्री बनाने की शपथ, साइकिलों पर शॉपिंग करने पहुंचे लोग

Mon, 23 Sep 2019 02:08 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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साइकिलिंग करते लोग - फोटो : अमर उजाला
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वर्ल्ड कार फ्री डे पर चंडीगढ़ को कार मुक्त करने और साइक्लिंग को बढ़ावा देने के लिए सैकड़ों लोग रविवार सुबह सेक्टर-17 स्थित प्लाजा में जुटे। इस दौरान लोगों ने कई गतिविधियों में हिस्सा लेकर पर्यावरण की रक्षा करने का संकल्प लिया। बच्चे, जवान और बुजुर्ग सभी ने एक सुर में चंडीगढ़ को कार फ्री बनाने और यहां की हरियाली को बचाने की शपथ ली। कार्यक्रम को लेकर लोगों में क्रेज ऐसा था कि सुबह साढ़े छह बजे से ही प्लाजा में भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। कार्यक्रम में मौजूद हर शख्स के चेहरे पर उत्साह नजर आ रहा था।
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कार्यक्रम की शुरुआत पंजीकरण के साथ हुई। सुबह सात बजे से साइक्लिंग, मैराथन और स्केटिंग के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई। रजिस्टर प्रतिभागियों को वर्ल्ड कार फ्री डे की टी-शर्ट बांटी गई। आर्ट ऑफ डांस स्टूडियो के दिपेश और उनकी टीम ने लोगों के साथ मिलकर जुंबा, भंगड़ा और वार्मअप एक्टिविटी की। इसके बाद आयोजकों की ओर से मुख्य मेहमानों का स्वागत किया गया। मुख्य मेहमानों में नगर निगम कमिश्नर केके यादव, एसएसपी ट्रैफिक शशांक आनंद, पंजाबी एक्टर गुरप्रीत घुग्गी और व्यापार मंडल की टीम शामिल थी।

इस कार्यक्रम का आयोजन चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस, साइकिलगीरी संस्था और विभिन्न एनजीओ की ओर से मिलकर किया गया था। इस दौरान कमिश्नर केके यादव ने कहा कि शहर में कारों के लगातार बढ़ने से हालात खराब होते जा रहे हैं। हमें समाधान का हिस्सा बनना है, न कि समस्या का, इसलिए जितना हो सके पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। गुरप्रीत घुग्गी ने कहा कि जिंदगी बहुत खूबसूरत चीज है, जो हम सबने गवां दी है। अगर इस जिंदगी की साइकिल को बचाना है तो साइकिल को बचाकर रखना होगा।
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स्केटिंग के दौरान रही अव्यवस्था, कई बच्चे गिरे

कार्यक्रम के दौरान स्केटिंग इंवेट में बड़ी संख्या में बच्चों ने हिस्सा लिया। हालांकि इस दौरान बच्चों की सुरक्षा को लेकर माकूल इंतजाम नहीं किए गए थे। इस कारण प्लाजा से नीचे पार्किंग की तरफ जाते हुए रैंप की वजह से कई बच्चे जमीन पर गिर पड़े। वहीं दूसरी तरफ स्केटिंग के रूट में ट्रैफिक तक बंद नहीं करवाया गया था। मटका चौक की तरफ से प्लाजा की ओर आते समय स्केटर्स के पीछे बसें और गाड़ियां चल रही थीं, जो सुरक्षा के लिहाज से बड़ी चूक रही। गनीमत रही कि किसी बच्चे को इस दौरान कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

सुरक्षित पर्यावरण चाहिए तो साइकिल को अपनाएं। कम से कम हफ्ते में एक बार अपनी गाड़ी छोड़कर साइकिल का इस्तेमाल जरूर करें। पिछले 25 साल मैं साइक्लिंग कर रहा हूं। लोगों को जागरूक करने के लिए चंडीगढ़ टू बांबे साइकिल ट्रिप भी की है।
- जॉनी, दुकानदार सेक्टर 41, चंडीगढ़

खुद को फिट रखने के लिए मैं साइकिल चलाती हूं। आज इस इंवेट में मैं चंडीगढ़ को पॉल्यूशन फ्री बनाने के लिए भागीदार बनने आई हूं। मेरे साथ मेरे कई दोस्त भी यहां आए हैं।
- शाइन, पांचवीं की छात्रा, चंडीगढ़

पिछले 3-4 साल से मैं खुद की सेहत को अच्छा रखने के लिए साइकिल चला रहा हूं। लुधियाना में वैसे भी अब गाड़ी चलाने के लिए जगह कम बची है। मेरे दोस्त ने मुझे इस इंवेट के बारे में बताया। शनिवार को मैं चंडीगढ़ आया और यहां 36 किलोमीटर साइक्लिंग की।
- जगरूप सिंह, साइक्लिस्ट, लुधियाना

हाईकोर्ट की पार्किंग में लगभग हजारों कारें खड़ी रहती हैं। इसकी वजह से पार्किंग एरिया में जगह नहीं बची है। वहीं चंडीगढ़ में सड़कों पर भी ट्रैफिक जाम होने के कारण 15 मिनट तक का समय खराब हो जाते हैं। इसलिए मैं पिछले 2-3 साल से साइकिल से ही कोर्ट जा रहा हूं। हम सबको मिलकर चंडीगढ़ को बढ़ते ट्रैफिक से बचाना चाहिए।
- गुरपाल सिंह, डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी, चंडीगढ़
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