सोलर एनर्जी के रेस में एक बार फिर से चंडीगढ़ रिन्युवल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसायटी (क्रेस्ट) ने बाजी मार ली है। भारत सरकार के नवीन और नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय ने वीरवार को दो अवार्ड की घोषणा की है। पहला अवार्ड सोलर पावर इंस्टॉलेशन को लेकर है।
इसमें चंडीगढ़ पूरे देश में नंबर वन बन गया है। चंडीगढ़ अब तक 7.7 मेगावॉट सोलर पावर इंस्टाल कर चुका है, जबकि दूसरे नंबर पर आए गुजरात के गांधीनगर ने कुल 7.2 मेगावाट सोलर प्लांट इंस्टाल किए हैं। गांधीनगर में सोलर पावर प्लांट इंस्टाल करने का कार्यक्रम सात से आठ वर्षों से चल रहा है, जबकि चंडीगढ़ में क्रेस्ट तीन-चार साल से सक्रिय है।
दूसरा अवार्ड नवीनीकरण एजेंसी के परफार्मेंस के कैटेगरी में दिया गया है। इसमें कैटेगरी में भी चंडीगढ़ की एजेंसी क्रेस्ट को पहला स्थान मिला है। ध्यान देने वाली बात यह है कि एजेंसी के पास मैनपावर नाम मात्र की है। पांच टेक्नीकल स्टाफ हैं, वह भी कांट्रैक्ट पर नियुक्त हैं, जबकि इसी तर्ज पर काम करने वाले दूसरी एजेंसी पेडा व हरेडा के पास 100 से ज्यादा रेग्युलर स्टाफ है।
जाहिर है कि कम मैनपावर में बाजी मारना अपने आप में एक कामयाबी है। इसका पूरा श्रेय क्रेस्ट के सीईओ संतोष कुमार को जाता है। संतोष कुमार पर्यावरण डिपार्टमेंट के डायरेक्टर भी हैं। हालांकि उन्होंने इसका श्रेय सलाहकार परिमल राय और यूटी के प्रशासक प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी को दिया है। दोनों कैटेगरी के अवार्ड सात जून को एक समारोह में मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल देंगे।