चंडीगढ़ में हेरिटेज फर्नीचर की चोरी हो रही है या फिर इसे बेचा जा रहा है। इस खिलवाड़ को रोकने के लिए यूटी प्रशासन अब पहल करने जा रहा है। इसके लिए प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी भारत सरकार को सिटी के हेरिटेज फर्नीचर की विदेशों में हो रही निलामी रोकने की मांग करेगी। इसमें प्रशासन के अलावा शहर के सीनियर सिटीजन और वरिष्ठ अधिवक्ताओं को रखा गया है।
एक अनुमान के मुताबिक, शहर में 100 करोड़ से अधिक के हेरिटेज फर्नीचर मौजूद हैं, जो लंबे समय से सुरक्षित नहीं हैं। बीते 10 सालों में दुनिया भर में 30 करोड़ से अधिक मूल्य की शहर की विरासती कलाकृतियों और फर्नीचर की नीलामी हो चुकी है। पहले यह नीलामी मुख्य रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस में आयोजित की जा रही थी लेकिन पिछले तीन सालों से जर्मनी और इजराइल में भी चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी आयोजित की जा रही है। इस वर्ष भी एक करोड़ से अधिक की छह हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी हो चुकी है।
जानकारी के मुताबिक, हेरिटेज फर्नीचर यूटी प्रशासन, चंडीगढ़ नगर निगम, पंजाब और हरियाणा सरकारों, पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) और पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के पास मौजूद हैं। समय-समय पर यह फर्नीचर चोरी हो रहा है। यूटी प्रशासन ने भी कलाकृतियों को चोरी और तस्करी से बचाने के लिए एक समिति गठित करने का फैसला किया गया है। यह कमेटी शहर के हेरिटेज फर्नीचर की विदेशों में हो रही हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी को रोकने केलिए भारत सरकार से मांग करेगी।