चंडीगढ़। दिवाली पर शहरवासियों ने प्रशासन के आदेश हवा में उड़ा दिया। रात 8 बजे से लेकर 10 बजे तक सिर्फ ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति थी, लेकिन दिवाली की रात जमीनी स्तर पर ऐसा कोई नियम नजर नहीं आया। शहर में पटाखे शाम से ही जलने शुरू हो गए जो रात 12:00 बजे तक जलते रहे। लोगों ने ग्रीन पटाखों के साथ सामान्य पटाखे भी खूब जलाए। हर साल की तरह इस बार भी प्रशासन की तरफ से ग्रीन पटाखे की जांच को लेकर कोई रणनीति नजर नहीं आई। जमीनी स्तर पर ग्रीन पटाखे और सामान्य पटाखे में फर्क करना काफी मुश्किल था। शहर के सेंट्रल सेक्टर में ग्रीन पटाखे को लेकर लोग कुछ हद तक फिक्रमंद नजर आए लेकिन गांव और कॉलोनी में ग्रीन पटाखे के हवा आदेश हवा हवाई हो गए। शहर के अधिकतर सेक्टरों में रात 11 बजे तक पटाखों का शोर लगभग थम गया, लेकिन पूर्वी और दक्षिणी इलाकों में काफी ज्यादा पटाखे जलाए गए। मनीमाजरा, बापूधाम, दड़वा, विकास नगर, राम दरबार, मौलीजागरां समेत कई इलाकों में देर रात तक लोग पटाखे जलाते रहे। प्रशासन ने पटाखों की सभी तरह की लड़ियों पर पाबंदी लगाई थी। ग्रीन पटाखों की लड़ी को भी जलाने की अनुमति नहीं थी लेकिन लोगों ने परवाह किए बिना 1000 पटाखों की लड़ियों को भी खूब जलाया। इसका असर एयर क्वालिटी इंडेक्स और शोर के स्तर में भी नजर आया।