अगर आप बंदरों को भोजन देते हैं तो अब से वह अपराध माना जाएगा और इसके लिए जुर्माना भी लगाया जाएगा। जी हां, दरअसल बंदरों के आतंक के लिए स्थानीय नागरिकों को जिम्मेदार ठहराने के बाद अब चंडीगढ़ प्रशासन ने शिमला की तर्ज पर बंदरों को भोजन देने को अपराध की श्रेणी में लाने का निर्णय लिया है।
ऐसे में अब शहर में बंदरों को भोजन देने को अपराध माना जाएगा और इसके लिए जुर्माना भी लगाया जाएगा। यह जानकारी यूटी प्रशासन की ओर से हाईकोर्ट को एक मामले की सुनवाई के दौरान दी गई।
अपने हलफनामे में प्रशासन ने कहा कि लोगों को बार-बार जागरूक किया जाता है कि बंदरों को कुछ खाने को न दिया जाए परंतु मंदिरों, ढाबों व रेस्तरां आदि के बाहर उन्हें खाने को दिया जाता है, जिसके चलते उनकी आबादी बढ़ रही है। साथ ही बंदरों को रोकने के मामले में अपनी मजबूरियां बताते हुए मुख्य वन संरक्षक ने कहा कि बंदरों को पकड़ने के लिए उनके पास पर्याप्त साधन मौजूद हैं लेकिन बंदरों को सुखना वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में छोड़ने के अतिरिक्त उनके पास कोई विकल्प मौजूद नहीं है।