रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) सेक्टर-17 और वाहन पासिंग आफिस सेक्टर-42 में अब पैसे लेकर लाइसेंस बनाने वाले दलालों की खैर नहीं है। अब इन दलालों पर कड़ी नजर होगी। पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त किए जा रहे हैं।
आरएलए अधिकारी राकेश कुमार पोपली ने बताया कि दलालों की गतिविधियों पर खास निगरानी रखी जा रही है। पुलिस की निगरानी को चुस्त-दुरुस्त किया जा रहा है। बीती 20 जनवरी को आरएलए अधिकारी राकेश कुमार पोपली को डीएस सेट्टी ने पैसे लेकर काम करवाने वाले एक ग्रुप (दलाल) की लिखित शिकायत दी थी। इसके बाद ही पोपली ने सोमवार को इसकी जानकारी डीसी अजीत बालाजी जोशी को दी थी।
डीएस सेट्टी ने अपनी शिकायत में बताया है कि वह 19 जनवरी की दोपहर आरएलए आफिस सेक्टर-17 में पत्नी की कार की कैंसिलेशन आफ लीज इनडॉसमेंट इन आरसी फार्म फाइल करवाने गए थे, लेकिन एक फार्म की वर्डिंग नहीं मिलने पर उन्हें नई फाइल लेने को कहा गया।
इसके बाद भी उनकी फाइल में एक कागजात की कमी रह गई, जिसे लेने केलिए घर जाने लगे तभी गेट केपास उन्हें करीब दस लोगों के ग्रुप ने रोक लिया और बिना किसी डॉक्यूमेंट मात्र एक हजार की फीस में काम करने को कहा। उन लोगों ने उन्हें अपना कार्ड भी दिया, जिस पर वह राजी हो गए। सेट्टी ने बताया कि जब लंच के बाद वह अपनी फाइल लेने काउंटर नंबर पांच पर गए, तो वहां न उनकी फाइल थी और न ही वे लोग। शाम पांच बजे तक पूरे आफिस में चक्कर काटने के बाद जब उनकी फाइल नहीं मिली, तो उन्होंने आरएलए आफिसर पीसीएस पोपली को शिकायत दी थी।