प्याज की जमाखोरी के शक में चंडीगढ़ सेक्टर-26 स्थित सब्जी मंडी में जांच की गई। खाद्य और आपूर्ति विभाग ने मंडी के व्यापारियों से प्याज की खरीद और बिक्री का ब्यौरा तलब किया है। अधिकारी ने बताया कि अगर कहीं जमाखोरी पाई जाती है तो व्यापारी पर कार्रवाई की जाएगी। जमाखोरी की शिकायत पर मंगलवार सुबह 5.30 बजे खाद्य और आपूर्ति विभाग के अधिकारी मंडी पहुंचे।
इस दौरान अधिकारियों की निगरानी में ट्रकों से आए प्याज को उतारा गया। अधिकारियों ने व्यापारियों के स्टॉक की भी जांच की। शक होने पर सभी व्यापारियों से 1 से 11 दिसंबर तक प्याज खरीदने और बेचने की जानकारी मांगी गई है। विभाग ने सभी व्यापारियों को आदेश दिए हैं कि वे बुधवार तक सभी जानकारी मुहैया कराएं। स्टॉक लिमिट की यह जांच अगले पांच दिन तक ऐसे ही जारी रहेगी।
उधर, बढ़ी कीमतों के बाद नो प्रॉफिट, नो लॉस पर प्याज बेचने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन को सस्ते प्याज नहीं मिल पा रहे हैं। इसके लिए प्रशासन ने नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया से गुहार लगाई है।
प्याज की स्टॉक लिमिट तय होने के बाद ही यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है। व्यापारियों से 1 से 11 दिसंबर तक का ब्यौरा मांगा गया है। ब्यौरा मिलने के बाद क्रॉस चेक किया जाएगा।
- अशोक कुमार, डीएफएसओ, चंडीगढ़