यूटी प्रशासन ने सुखना लेकर को बचाने की कवायद तेज कर दी है। प्रशासन अगले तीन माह में सुखना को वेटलैंड एरिया घोषित कर देगा। प्रशासनिक स्तर पर इसकी औपचारिताएं पूरी हो चुकी हैं। मंगलवार को यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को पर्यावरण विभाग ने प्रजेंटेशन दी है। सुखना के वेटलैंड घोषित होते ही इलाके में किसी उद्योग की स्थापना, विस्तार, कचरा निस्तारण के साथ प्रदूषण उत्पन्न करने वाली गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लग जाएगा।
यूटी प्रशासन लंबे समय से सुखना लेक के कैचमेंट एरिया को वेटलैंड घोषित किए जाने पर काम कर रहा है। अब इस पर लगभग अंतिम मुहर भी लग चुकी है। पर्यावरण विभाग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सुखना को वेटलैंड घोषित करने में जो भी तकनीकी परेशानियां आ रही थीं, उन्हें लगभग दूर कर लिया गया है। तीन माह के अंदर सुखना को वेटलैंड एरिया घोषित कर दिया जाएगा। इस संदर्भ में चीफ कंजरवेटर ऑफिसर देवेंद्र दलाई ने बताया कि सुखना को वेटलैंड घोषित करने की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
प्रशासन की अनुमति मिलते ही सुखना को वेटलैंड घोषित कर दिया जाएगा। बता दें कि तीन माह पहले पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश पर प्रशासन ने सुखना को बचाने के लिए एक समिति गठित कर दी थी। अब टीम ने सभी तकनीकी पहलुओं पर बारीकी से विचार विमर्श कर रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है।
सभी गतिविधियों पर लग जाएंगे प्रतिबंध
सुखना को वेटलैंड घोषित किए जाने के बाद इस क्षेत्र में (संरक्षण और प्रबंधन) नियम, 2017 को लागू कर दिया जाएगा। नियम के लागू होने के बाद इस क्षेत्र में किसी उद्योग की स्थापना या विस्तार या कचरा निस्तारण या प्रदूषण उत्पन्न करने वाली गतिविधियों पर प्रतिबंध लग जाएगा।
क्या होता है वेटलैंड एरिया
वेटलैंड में भूमि के उस क्षेत्र को शामिल किया जाता है, जहां पानी का तल लगभग जमीन की सतह के साथ होता है। ऐसे स्थान जैविक विविधता को प्रोत्साहित करने के साथ भूमिगत जल के प्राकृतिक रीचार्ज, जल शोधन, भू-कटाव को नियंत्रित करने का प्राकृतिक स्रोत होते हैं। देश में अब तक ऐसे 115 वेटलैंड को चिन्हित किया गया है, जिनमें से 26 को अंतरराष्ट्रीय महत्व का माना गया है।