चंडीगढ़ प्रशासन ने श्रमिकों से अपील की है कि जिन दूसरे राज्यों को जाने वाले श्रमिकों ने रजिस्ट्रेशन करवाया हुआ है, वे होल्डिंग सेंटरों पर बिना बुलाए न पहुंचें। ऐसे में यहां जिन श्रमिकों को दूसरे राज्य में भेजना होता है, उनसे ज्यादा भीड़ जमा हो जाती है। प्रशासन ने श्रमिकों से अपील की है कि वह तभी होल्डिंग सेंटर पर पहुंचे जब उन्हें प्रशासन की ओर से फोन पर कॉल आए। प्रशासन के एक प्रवक्ता ने कहा है कि 22 मई को दोपहर 2 बजे बिहार के मोतिहारी (पूर्वी चंपारन) के लिए सिवान और मुजफ्फरपुर में ठहराव के साथ एक श्रमिक स्पेशल ट्रेन निर्धारित की गई है।
इन गंतव्यों के लिए पंजीकृत व्यक्तियों को दिए गए मोबाइल नंबर पर काल कर दी गई है और 22 मई को सुबह 8 बजे पॉलिटेक्निक कॉलेज सेक्टर-26 के होल्डिंग सेंटर तक पहुंच जाएं। छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, विकलांग व्यक्तियों और वरिष्ठ नागरिकों के साथ महिलाओं को प्राथमिकता पर समायोजित किया जाएगा। प्रवक्ता ने बताया कि जिन लोगों को टेलीफोन कॉल नहीं की गई है, उनसे अपील है कि वह न आएं। रजिस्ट्रेशन की सूची से पुष्टि के बाद प्रवेश की अनुमति होगी। जिले के अन्य व्यक्तियों को सलाह दी गई है कि वे चंडीगढ़ में प्रवेश न करें।
क्योंकि उनकी यात्रा की व्यवस्था केवल उस जिले के जिला अधिकारियों की ओर से ही की जाएगी। ध्यान रहे कि चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से किए गए लॉकडाउन के कारण, चंडीगढ़ में कुछ प्रवासी श्रमिक, तीर्थयात्री, पर्यटक, छात्र और अन्य व्यक्ति फंसे हुए हैं। इन व्यक्तियों के सुगम आवागमन के लिए, प्रशासन ने श्रमिक विशेष ट्रेनों के माध्यम से आरामदायक और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत योजना तैयार कर रखी है। जिसके तहत चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी में सेक्टर-26 में दो होल्डिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं।
यहां पर लोगों की मेडिकल जांच की जाती है और उन्हें दोपहर के भोजन का पैक प्रदान किया जाता है। इसके बाद उन्हें बसों के माध्यम से रेलवे स्टेशन भेजा जाता है जहां उन्हें यात्रा के लिए पैक भोजन और एक लीटर पानी की बोतल प्रदान की जाती है, जो पहले से निर्धारित डिब्बों में होती है।