दशहरा, दिवाली और गुरुपर्व पर ही आप पटाखे जला सकते हैं। इसके अलावा अन्य किसी समय पटाखे जलाते आप मिले तो कार्रवाई झेलनी पड़ सकती है। इसके लिए चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से सोमवार को एडवाइजरी जारी कर दी गई है। प्रशासन ने सिटी में शोर से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए ऐसा कदम उठाया है।
प्रभारी डिप्टी कमिश्नर सचिन राणा की ओर से बताया गया है कि दशहरे के दिन शाम पांच से रात आठ बजे तक ही पटाखे या अन्य फायर सामान का उपयोग किया जा सकता है। वहीं 7 नवंबर दिवाली के दिन शाम साढ़े छह बजे से रात साढ़े नौ बजे तक ही पटाखे या अन्य फायर सामान का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा 23 नवंबर गुरुपर्व के दिन पटाखे शाम साढ़े छह बजे से रात साढ़े नौ बजे तक ही चला सकते हैं। 24 नवंबर तक पटाखे फोड़ने को लेकर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है।
शोर के तय हैं मानक
प्रभारी डीसी ने बताया कि एस्टेट ऑफिस ने पटाखे बेचने को लेकर अस्थायी लाइसेंस जारी किया है। जिस एरिया के लिए लाइसेंस मिला है पटाखे की दुकान वहीं लगाई जाएगी। इसके लिए स्थान चिह्नित किया गया है। प्रशासन ने पटाखों के शोर को लेकर भी मानक तय किए हैं। इसमें बताया गया है कि जो भी पटाखों का निर्माण, बेचा या उपयोग किया जाए उसकी आवाज चार मीटर तक की दूरी तक ही जा सके। प्रत्येक पटाखे को डब्बों पर केमिकल कंटेंट का डिटेल जरूर होना चाहिए। सिटी में त्योहारों में पटाखों के उपयोग को लेकर धारा 144 लगा दी गई है।