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चंद्रमुखी ने बंसल को ललकारा, बोले- मेरे खिलाफ चुनाव लड़ कर दिखाएं

Sat, 24 Dec 2016 08:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पूर्व पार्षद चंद्रमुखी शर्मा - फोटो : File Photo
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कांग्रेस से छह साल के लिए निकाले जाने के बाद पूर्व पार्षद चंद्रमुखी शर्मा ने तिवारी गुट के अन्य सदस्यों के साथ शनिवार को प्रेसवार्ता कर बंसल और कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा के खिलाफ मोर्चा खोला। पूर्व पार्षद चंद्रमुखी शर्मा का कहना है कि नगर निगम में हार के लिए सिर्फ पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल जिम्मेदार हैं। उनका कहना है कि वह बंसल को चैलेंज करते हैं कि वह वार्ड नंबर-1 से निर्दलीय के तौर पर उनके खिलाफ चुनाव लड़कर दिखाएं, वह भी निर्दलीय लड़ेंगे।
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ऐसा हुआ तो बंसल की जमानत जब्त करा देंगे। चंद्रमुखी शर्मा का कहना है कि उनके भाई सूरजमुखी ने बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ा। वह कांग्रेस का सदस्य भी नहीं है। अगर बंसल एंड कंपनी मानती है कि वार्ड नंबर-1 से पार्टी उम्मीदवार उनके करके हारा है तो क्या बाकी की 21 सीटें बंसल के रेल और बूथ घोटाले के कारण हारी हैं। मालूम हो कि वार्ड नंबर-1 से शर्मा दो बार पार्षद रह चुके हैं।

प्रेसवार्ता में भावुक हुए शर्मा ने कहा कि छाबड़ा ने नियम तोड़कर उन्हें निकाला है। लेकिन उनके मन से वह कांग्रेस को किस तरह से निकालेंगे। शर्मा ने कहा कि उन्हें निकालकर कार्यकर्ता को यह मैसेज दिया है कि जो भी बंसल के खिलाफ आवाज उठाएगा उसे निकाल दिया जाएगा। 
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नियम तोड़कर निकाला, मेरे मन से कांग्रेस को कैसे निकालेंगे

- फोटो : File Photo
प्रेसवार्ता में शर्मा ने कहा कि उनके पास कोई पद नहीं है ऐसे में छाबड़ा ने किस संविधान के तहत उन्हें पार्टी से निकाला है। जबकि उनके पास कोई चिट्ठी भी नहीं आई है। उनका कहना है कि अब बैक डेट में चिट्ठी भेजने की तैयारी की जा रही है।

शर्मा का कहना है कि हैरानी की बात है कि कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने शुक्रवार को सभी उम्मीदवारों की बैठक ली लेकिन उसमें उनकी पत्नी जो कि वार्ड नंबर-2 से उम्मीदवार थीं वह खुद ही नहीं आई। शर्मा का कहना है कि पवन बंसल और प्रदीप छाबड़ा को शहर की जनता से खारिज कर दिया है। ऐसे में वह उस आदमी को पार्टी से निकाल रहे हैं जिनकी बिल्कुल साफ छवि है। अगर बंसल को पता था कि बागी उम्मीदवार मैदान में खड़े हैं तो उन्हें बिठाने के लिए क्यों कोई प्रयास नहीं किया गया। प्रेसवार्ता में शर्मा ने माना किया इस हार से बंसल और छाबड़ा के अलावा हाईकमान उनसे भी नाराज है। इसलिए किसी को भी मिलने का समय नहीं दिया जा रहा है। 

प्रेसवार्ता में शर्मा ने कहा कि इस हार के लिए पार्टी के सह प्रभारी हरीश चौधरी भी जिम्मेदार है। पार्टी का कोई संगठन नहीं बचा है। चुनाव जीतने के लिए कोई कमेटी नहीं बनाई गई। इस प्रेसवार्ता में प्रिंसिपल गुरबचन सिंह, जेनए शास्त्री, सुभाष शर्मा और जगत शर्मा ने भी बंसल पर ही हार का ठिकरा फोड़ा।
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