कांग्रेस से छह साल के लिए निकाले जाने के बाद पूर्व पार्षद चंद्रमुखी शर्मा ने तिवारी गुट के अन्य सदस्यों के साथ शनिवार को प्रेसवार्ता कर बंसल और कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा के खिलाफ मोर्चा खोला। पूर्व पार्षद चंद्रमुखी शर्मा का कहना है कि नगर निगम में हार के लिए सिर्फ पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल जिम्मेदार हैं। उनका कहना है कि वह बंसल को चैलेंज करते हैं कि वह वार्ड नंबर-1 से निर्दलीय के तौर पर उनके खिलाफ चुनाव लड़कर दिखाएं, वह भी निर्दलीय लड़ेंगे।
ऐसा हुआ तो बंसल की जमानत जब्त करा देंगे। चंद्रमुखी शर्मा का कहना है कि उनके भाई सूरजमुखी ने बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ा। वह कांग्रेस का सदस्य भी नहीं है। अगर बंसल एंड कंपनी मानती है कि वार्ड नंबर-1 से पार्टी उम्मीदवार उनके करके हारा है तो क्या बाकी की 21 सीटें बंसल के रेल और बूथ घोटाले के कारण हारी हैं। मालूम हो कि वार्ड नंबर-1 से शर्मा दो बार पार्षद रह चुके हैं।
प्रेसवार्ता में भावुक हुए शर्मा ने कहा कि छाबड़ा ने नियम तोड़कर उन्हें निकाला है। लेकिन उनके मन से वह कांग्रेस को किस तरह से निकालेंगे। शर्मा ने कहा कि उन्हें निकालकर कार्यकर्ता को यह मैसेज दिया है कि जो भी बंसल के खिलाफ आवाज उठाएगा उसे निकाल दिया जाएगा।