अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मानसून की विदाई का समय अब करीब आ गया है। बताया जा रहा है कि 28 सितंबर तक हरियाणा से मानसून के विदा होने के आसार हैं। पिछले कई सालों में मानसून राज्य से 25 सितंबर से 10 अक्तूबर के बीच जाता रहा है। 25 सितंबर के बाद हरियाणा में शुष्क मौसम शुरू हो जाएगा। इस दौरान बारिश होने के बिल्कुल आसार नहीं है। हालांकि 25 से पहले हरियाणा के कुछ जिलों में मध्यम बारिश के आसार हैं। हरियाणा में मानसून सीजन में अब तक 405 मिलीमीटर से ऊपर बारिश दर्ज की जा चुकी है। मानसून के अगस्त और सितंबर दोनों महीने सूखे दर्ज किए गए हैं। अगस्त नौ सालों में सबसे सूखा रहा है, वहीं, सितंबर में काफी कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। बारिश कम होने से दिन के तापमान अभी भी सामान्य से ज्यादा दर्ज किए जा रहे हैं। शुक्रवार को भी हिसार का अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
डेंगू के केस बढ़ेंगे, फसलों पर ज्यादा असर नहीं
बताया जा रहा है कि अगले तीन दिन जो बारिश होगी, उससे जगह-जगह पानी इकट्ठा होने के आसार हैं। बारिश के बाद मौसम में उमस बढ़ेगी। इससे डेंगू के केस बढ़ने के आसार हैं। वहीं, इन बारिशों का फसलों पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। धान की फसल कट चुकी है। हालांकि मंडियों में अव्यवस्थाओं की वजह से धान के भीगने के आसार हैं।
मानसून के बाद पराली जलाने की घटनाएं बढ़ेंगी
पर्यावरण से जुड़े विशेषज्ञों ने बताया कि मानसून के जाते ही पराली जलाने की घटनाओं में वृद्धि शुरू हो जाएगी। बारिश की आशंका पर किसान पराली को नहीं जलाते हैं। वहीं, मानसून के जाते ही हवाओं की दिशा पूर्वी से उत्तर पश्चिमी हो जाएगी। इससे एनसीआर के जिलों में प्रदूषण बढ़ने के ज्यादा आसार रहेंगे।
पिछले 6 सालों में मानसून की कब-कब हुई विदाई
2022 29 सितंबर
2021 8 अक्तूबर
2020 30 सितंबर
2019 10 अक्तूबर
2018 1 अक्तूबर
2017 30 सितंबर