-याचिका पर हरियाणा सरकार व अन्य को नोटिस जारी कर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
-बिना डाटा एकत्रित किए आरक्षण का प्रावधान करने को याची ने बताया है सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के खिलाफ
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। ग्रुप ए और बी के पदों पर पदोन्नति में एससी वर्ग के कर्मचारियों को आरक्षण देने की हरियाणा सरकार की नीति को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न इस पर रोक लगा दी जाए। सचिन शर्मा व अन्य ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि ग्रुप -ए और बी के पद पर पदोन्नति के दौरान एससी श्रेणी के कर्मचारियों को आरक्षण देने के लिए राज्य सरकार ने नीति तैयार की है। इसे लागू करने के लिए सरकार की ओर से जून और अगस्त में आवश्यक पत्र भी जारी किया गया है। इसके बाद 7 अक्टूबर को आरक्षण को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई। प्रदेश में ग्रुप ए और बी में प्रमोशन कोटा 20 प्रतिशत तय है और इसमें आरक्षण लागू कर दिया गया। याची ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में जरनैल सिंह व अन्य बनाम लक्ष्मी नारायण गुप्ता मामले में यह स्पष्ट कर दिया था कि प्रतिनिधित्व से जुड़े आंकड़े एकत्रित किए बिना आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता। सरकार को यदि आरक्षण का लाभ देना है तो पहले उन्हें आंकड़े जुटाने होंगे। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब देने का आदेश दिया है।